अनूपशहर रोड स्थित जटवाई गांव से डिबाई के भीमपुर दौराहे तक 123 करोड़ की लागत से बनने वाली 36 किलोमीटर सड़क का निर्माण दो विभागों के बीच अटका है। तीन साल बाद भी विभाग टेंडर जारी नहीं कर सका है।
इसके चलते छोटी काशी(अनूपशहर) को जाने वाले लोगों को गहरे गड्ढे और धूल भरे रास्तों से होकर गुजरना पड़ रहा है। जनता तहसील दिवस से लेकर माननीयों तक गुहार लगा चुकी है।
बुलंदशहर से अनूपशहर होकर डिबाई के भीमपुर दोराहे तक जाने वाले मार्ग में कुल 36 किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए 2014 में वर्ल्ड बैंक ने केेंद्र सरकार को 123 करोड़ रुपये का लोन दिया था।
केंद्र ने यह राशि राज्य सरकार को सौंप दी, लेकिन प्रदेश में वर्ल्ड बैंक की धनराशि का सड़कों के लिए इस्तेमाल करने वाले विभाग पीडब्ल्यूडी ने तीन साल बीत जाने के बाद भी टेंडर जारी नहीं किया है। इसके चलते छोटी काशी अनूपशहर और भीमपुर दोराहा होते हुए अलीगढ़ जाने वाले लाखों लोगों को गहरे गड्ढों और धूल भरे वातावरण से होकर गुजरना पड़ता है।
इस संबंध में प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता देवेश कुमार तिवारी ने बताया कि वर्ल्ड बैंक की धनराशि से सड़क बनाने वाले लोक निर्माण विभाग का ऑफिस अलीगढ़ में है। वर्ल्ड बैंक से बजट जारी होने के बाद शासन ने 36 किलोमीटर सड़क पर एक भी रुपया खर्च करने से इनकार कर दिया था।
जिसके चलते काम नहीं किया गया। वहीं इस संबंध में अलीगढ़ से केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन एके गुप्ता ने बताया कि इस सड़क के निर्माण का टेंडर लखनऊ से होगा। जल्द ही टेंडर जारी होने की उम्मीद है।
रोजाना सफर करने वाले लोगों ने तहसील दिवस में कई बार शिकायत की। अफसर आश्वासन देते रहे। लोगों ने सांसद से लेकर पूर्व और वर्तमान विधायक से मिलकर सड़क को दुरुस्त कराने की गुहार लगाई, लेकिन कोई रास्ता नहीं निकला।