अनूपशहर/अहार/नरौरा। गंगा नदी का रौद्र रूप बरकरार है। अनूपशहर, अहार और नरौरा क्षेत्र के 10 गांव के संपर्क मार्गों पर पानी भरने से स्कूल और कालेजों के पांच हजार से अधिक छात्र-छात्राओं को परेशानी झेलनी पड़ रही हैं। सोमवार को सिद्धबाबा घाट पर एक और मंदिर बाढ़ के पानी में डूब गया। जलस्तर बढ़ने से जगह-जगह कटान भी बढ़ता जा रहा है।
अनूपशहर-अहार मार्ग पर सिरोरा, तोरई, बच्चीखेड़ा, पहाड़पुर, हसनपुर और मुबारकपुर से प्रतिदिन पांच हजार से अधिक छात्र-छात्राएं अनूपशहर के स्कूल और कॉलेजों में पढ़ने के लिए जाते हैं। इन गांवों के संपर्क मार्गों में बाढ़ का पानी भरने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अनूपशहर में मोहल्ला गंगाद्वार में बाढ़ का पानी लाल महादेव घाट को पार कर गया है। राजघाट के बाजार में भी पानी भरने से लोगों के सामने परेशानी बनी हुई है।
सिद्ध बाबा घाट पर रविवार को दो धर्मशाला और तीन मंदिर बाढ़ में डूब गए थे। सोमवार को एक और मंदिर पानी में समा गया। राजघाट में गंगा किनारे स्थित कच्चे और पक्के श्मशान घाट बाढ़ का पानी भरा होने के कारण अंतिम संस्कार भी नहीं हो पा रहे हैं। आसपास के गांवों से शव लेकर अंतिम संस्कार करने आ रहे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अनूपशहर गंगा घाट की सभी सीढ़ियां जलमग्न हैं। प्लेटफार्म पर भी पानी भरा हुआ है।
सिंचाई विभाग ड्रेनेज के जेई उमेश कुमार ने बताया कि सोमवार सुबह बिजनौर बैराज से 1.28 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इस वजह से जलस्तर में और वृद्धि हो सकती है। एसडीएम अनूपशहर प्रियंका गोयल का कहना है कि प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। 24 घंटे गंगा के जलस्तर पर निगाह रखी जा रही है। नरौरा बैराज के जल लेखा सहायक देवेश कुमार ने बताया कि सोमवार को दोपहर बाद बैराज से गंगा नदी की डाउन स्ट्रीम में 286676 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। शनिवार शाम चार बजे से बैराज पर गंगा खतरे के निशान से 62 सेंमी ऊपर बह रही है।
खादर क्षेत्र के गांवों के किसानों की गंगा किनारे के खेतों में खड़ी फसल जलमग्न हैं। जिनमें मौजूदा समय में धान, ईख व बाजरा फसलें हैं। किसान यूनियन नेताओं का कहना है कि गंगा के बढ़ते जलस्तर की वजह से किसानों को बहुत नुकसान हुआ है। उनकी मांग है कि सरकार किसानों को हुए नुकसान का आकलन कर उन्हें आर्थिक सहायता मुहैया कराए।
बोले किसान व ग्रामीण
अहार में पहले जब केदारनाथ मंदिर पर कटान हुआ था, उस समय सिद्ध बाबा गंगा घाट क्षेत्र में पानी आया था। अब गंगा नदी ने रौद्र रूप दिखा रही है। चारों ओर फसलों में पानी ही पानी भरा हुआ है। - पवन शर्मा, गांव औरंगाबाद ताहारपुर
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वर्ष 2013 में आई बाढ़ के दौरान राजघाट बाजार में पानी आया था। इसके बाद अब दो दिन से गंगा नदी की बाढ़ का पानी बाजार में आबादी क्षेत्र में आया है। इससे लोगों को परेशानी हो रही है। - लक्ष्मेंद्र तिवारी, निवासी रामघाट
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इस बार ज्यादा बाढ़ है। पानी फसल में जाने से रोकने का कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। किसानों को इस समस्या से हर साल बड़ा नुकसान झेलना पड़ता है। - दौलतराम, निवासी गांव सिरौरा।
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केदारनाथ आपदा के बाद यह सबसे बड़ी बाढ़ है। खेतों में पानी भरा हुआ है। जलस्तर घटने के बाद खेतों में अगर पानी ठहर गया तो फसल बर्बाद हो जाएगी। - अख्तर, निवासी गांव सिरौरा।
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स्वास्थ्य टीमों को किया अलर्ट
सीएमओ डा. सुनील कुमार दोहरे ने बताया कि गंगा किनारे वाले क्षेत्र में सरकारी चिकित्सालय के स्टाफ को अलर्ट किया जा चुका है। साथ ही पर्याप्त मात्रा में दवाइयां भी रखवा दी हैं। किसी गांव से अभी तक लोगों के बीमार होने या बीमारी फैलने की सूचना नहीं है। अगर, किसी गांव से कोई सूचना मिलती है तो संबंधित सीएचसी या पीएचसी की टीम को संबंधित गांव में भेजा जाएगा।