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कमीशन ने फिर रोकी गेहूं भंडारण की रफ्तार

Thu, 04 May 2017 11:31 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो / बुलंदशहर
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गेहूं ख्‍ारीद - फोटो : अमर उजाला
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एफसीआई गोदाम पर ट्रक से गेहूं अनलोडिंग की आड़ में एक रुपया कमीशन ने भंडारण की व्यवस्था चौपट कर दी है। कमीशन की रार में साढ़े चार हजार मीट्रिक टन गेहूं खुले में पड़ा हुआ है। ऐसे में मौसम विभाग की भविष्यवाणी सच साबित हुई तो गेहूं की बर्बादी तय है।
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जिले में अब तक 35 हजार एमटी से अधिक गेहूं खरीदा जा चुका है। 31 हजार एमटी गेहूं एफसीआई के गोदामों पर स्टोर कर दिया गया है। शेष 4500 एमटी गेहूं सिर्फ  एक रुपये कमीशन (डाला) के चक्कर में भंडारित नहीं हो पा रहा है।

इसको लेकर जिला विपणन अधिकारी अविनाश चंद ने ठेकेदार और एफसीआई कर्मचारियों के साथ चार घंटे तक मैराथन बैठक की। इसके बावजूद बीच का रास्ता नहीं निकला। पल्लेदार एक रुपये की मांग पर अड़े रहे, जबकि ठेकेदारों ने डाला देने से साफ इंकार कर दिया। इसको लेकर दोनों पक्षों में काफी गहमागहमी भी हुई।
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तीन क्रय केंद्रों का नहीं खुला खाता
जिले में आलू खरीद के लिए चार केंद्रों को अधिकृत किया गया था। चार केंद्रों में से सिर्फ मंडी स्थित केंद्र पर ही आलू की खरीद की जा सकी है। वहीं तीन अन्य केंद्रों का अभी तक खाता नहीं खुला है। 

प्रशासन ने आलू खरीद के लिए जिले में चार केंद्र नई मंडी, स्याना, दौलतपुर खुर्द और साबितगढ़ को केंद्र बनाए थे। डीएचओ एसके गुप्ता ने बताया कि तीन केंद्रों पर आलू खरीद नहीं हुई है। नई मंडी केंद्र पर 47 कुंतल आलू खरीद की गई है। अन्य केंद्रों पर भी आलू खरीद तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।

रिकार्ड में नहीं भीगा गेहूं
चार दिन पूर्व सिकंदराबाद स्थित क्रय केंद्र पर झमाझम बारिश में गेहूं भले ही भीगा हो, लेकिन सरकारी रिकार्ड में ऐसा नहीं हुआ है। डिप्टी आरएमओ अविनाश चंद ने बताया कि क्रय केंद्र प्रभारी से गेहूं भीगने के बारे में पूछा गया था। केंद्र प्रभारी ने बारिश का गेहूं पर प्रभाव न के बराबर बताया। खास बात यह है कि कानूनी पचड़े से बचने के लिए भीगे हुए गेहूं को गोदाम में स्टोर भी करा दिया गया।

अनलोडिंग का नियम
ठेकेदार को निजी मजदूरों द्वारा ट्रक से गोदाम के सामने प्लेटफार्म पर गेहूं की बोरियां उतरवानी होती है लेकिन ठेकेदार ऐसा करते नहीं है। चूंकि पल्लेदार ट्रक से बोरी उतारकर सीधे गोदाम तक ले जाते हैं। इसलिए पल्लेदार अतिरिक्त मेहनत का चार्ज मांगते हैं। ठेकेदार और पल्लेदारों की रार में 4500 एमटी गेहूं खुले में रखे हुए हैं।
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