जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीज की आंखों की जांच करते चिकित्सक। संवाद
बुलंदशहर। होली पर केमिकल युक्त रंग एवं गुलाल का असर लोगों के चेहरे पर अब दिखने लगा है। केमिकल युक्त रंगों से चेहरे और शरीर पर अन्य जगह जलन एवं खुजली की शिकायत हो रही है। सोमवार को अवकाश के बाद जिला अस्पताल की ओपीडी खुली तो मरीजों की लंबी लाइन लग गई। अस्पताल में बच्चों से लेकर बड़ों ने चिकित्सकों से परामर्श एवं उपचार कराया। वहीं, काफी संख्या में लोग निजी अस्पताल भी पहुंचे।
होली पर लोगों ने जाने-अंजाने में केमिकल युक्त रंग और गुलाल से खूब होली खेली। इसका असर अब दिखने लगा है। इनकी वजह से लोगों के चेहरे की चमक उड़ गई है, तो खुजली की समस्या हो रही है। जिला अस्पताल के चिकित्सा अधिकारी डॉ. पंकज उपाध्याय ने बताया कि रंग और गुलाल में हानिकारक केमिकल के साथ ही कांच और रेत मिला होता है। जिससे त्वचा खराब होने के साथ हाथों को भी नुकसान पहुंचता है। बच्चों की मुलायम त्वचा पर इसका असर अधिक होता है। ऐसे मरीज ओपीडी में आने लगे है। संबंधित को परामर्श एवं बचाव के उपाय बताए जा रहे हैं।
आंखों में जलन के भी बढ़े मरीज
जिला अस्पताल की ओपीडी में सोमवार को आंखों में जलन के भी काफी मरीज उपचार कराने के लिए पहुंचे। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. पीके झा एवं डॉ. तेज सिंह ने बताया कि होली खेलते समय रंग-गुलाल आंखों में चले जाने से एलर्जी एवं जलन की समस्या बन गई। ओपीडी खुलने पर करीब 150 मरीजों ने परामर्श लिया। त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. ममता ने बताया कि त्वचा एवं एलर्जी के 200 से अधिक मरीजों ने परामर्श लिया।
Iसोमवार को ओपीडी खुलने से बंद होने तक मरीजों की भीड़ रही। अधिकांश मरीज होली पर केमिकल युक्त रंग लगने या आंख में पड़ने पर समस्या लेकर आए। सभी को परामर्श दिया गया व उपचार किया गया। - डॉ. प्रदीप राणा, प्रभारी सीएमएस जिला अस्पतालI