संवाद न्यूज एजेंसी
बुलंदशहर। शहर के एक लाख से अधिक लोगों को सीवर लाइन के कारण बदबू से परेशान होना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि अब तक 32 हजार के सापेक्ष करीब 22 हजार घरों में कनेक्शन किए गए हैं। इनमें से करीब 15 हजार घरों में कनेक्शन के दौरान कॉक नहीं लगाई गई, जिसके चलते सीवर की गैस घरों में पहुंच रही है।
शहर में 586 करोड़ की लागत से सीवर लाइन बिछाई गई थी। अब तक शहर के 50 हजार घरों में से करीब 22 हजार घरों के ही कनेक्शन किए गए हैं, जबकि बजट के अभाव के कारण करीब दस हजार घरों में कनेक्शन नहीं दिए जा सके हैं। साथ ही करीब 20 हजार घरों के कनेक्शन के लिए स्वीकृति का इंतजार है। जिन घरों में कनेक्शन किए जा चुके हैं, उनमें से करीब 15 हजार घर ऐसे हैं, जहां पर किए गए कनेक्शन से भी सीवर की बदबू पाइप के माध्यम से घरों में जा रही है। जिससे लोगों का घरों में रहना दूभर हो रहा है और काफी संख्या में लोगों ने अपने घरों के शौचालय के सीवर कनेक्शन भी हटा दिए हैं। लोगों का आरोप है कि कनेक्शन के दौरान घर के बाहर कॉक लगाई जानी थी, ताकि बदबू अंदर न जाए, लेकिन जल निगम की टीम ने ऐसा नहीं किया, जबकि कई बार अधिकारियों से इस संबंध में शिकायत भी की थी, लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ है।
सीवरेज को एसटीपी तक पहुंचाने के लिए बनाए गए सात मिनीएसटीपी के आसपास के क्षेत्रों में लोगों को बदबू का सामना करना पड़ रहा है। बतायाजा रहा है कि मिनी एसटीपी से दूषित पानी को सीधे खुले नाले में डाला जा रहा है, जिसके चलते आसपास से गुजरना भी दूभर हो रहा है। जबकि नियमानुसार इस दूषित पानी को पाइप लाइन के माध्यम से मुख्य एसटीपी तक पहुंचा योजाना चाहिए।
एडीएम प्रशासन डॉ. प्रशांत कुमार ने कहा कि मामले में कोई शिकायत नहीं मिली है। यदि मिनी एसटीपी से सीधे नाले में पानी डाला जा रहा है तो यह गलत है। इसमें जांच कराते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, ताकि लोगों को परेशानी न हो -