तय समय में मेटरनिटी विंग हैंडओवर नहीं करने और लगातार आदेशों का उल्लंघन करने पर डीएम ने सीएमओ और राजकीय निर्माण निगम अफसरों को तलब किया है। डीएम के तलब करते ही सीएमओ ने अपना पक्ष रख दिया है, जबकि राजकीय निर्माण निगम के अधिकारी और ठेकेदार नहीं पहुंचे।
डीएम ने सीएमओ को राजकीय निर्माण निगम और ठेकेदार पर कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जिला अस्पताल में बन रही मेटरनिटी विंग का उद्घाटन करीब तीन माह पहले तत्कालीन प्रभारी मंत्री रामसकल गुर्जर ने किया था। तीन माह बाद भी मेटरनिटी विंग को अभी तक स्वास्थ्य विभाग के हैंडओवर नहीं किया जा सका है।
मेटरनिटी विंग को निर्माणदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम द्वारा अभी तक स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर नहीं किया जा सका है। एक अप्रैल से मेटरनिटी विंग शुरू नहीं होने पर शासन स्तर से जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी।
इस बाबत बुधवार को समाचार प्रकाशित होते ही डीएम ने संज्ञान लेते हुए सीएमओ और राजकीय निर्माण निगम के अफसरों-ठेकेदारों को तलब कर लिया। सीएमओ ने बृहस्पतिवार को डीएम के समक्ष प्रस्तुत होकर अपना पक्ष रखा, वहीं राजकीय निर्माण निगम के अफसर और ठेकेदार नहीं पहुंच सके।
डीएम द्वारा मेटरनिटी विंग को स्वास्थ्य विभाग के हैंडओवर नहीं होने पर मुझसे स्पष्टीकरण मांगा गया। मैंने अपना पक्ष डीएम के समक्ष रख दिया है। निर्माणदायी संस्था को लगातार पत्र जारी किए जा रहे हैं। इसके बावजूद विंग को हैंडओवर नहीं किया जा रहा है। अंतिम चेतावनी पत्र जारी किया जाएगा। इसके बावजूद तय समय से पहले हैंडओवर नहीं होने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. दीपक ओहरी, सीएमओ