पावर कारपोरेशन में कमीशन को लेकर एक्सईएन और ठेकेदार आपस में भिड़ गए। एक्सईएन दफ्तर में दोनों के बीच जमकर गाली-गलौच हुई। देखते ही देखते जूतम-पैजार शुरू हो गई। दोनों के बीच दफ्तर के अंदर ही लात घूंसे चले। मामले की गंभीरता देखते हुए एसई ने जांच के निर्देश दिए हैं।
पावर कारपोरेशन में ठेकेदार योगेश शर्मा ने उत्तर प्रदेश शासन की योजना के अंतर्गत निविदा संख्या 30/15-16 व अनुबंध संख्या 34/ईडीईआईबी/16-17 के अंतर्गत खुर्जा जंक्शन उपकेंद्र का भार स्थानांतरित करने के लिए लाइन बनाई थी।
ठेकेदार काम के बाद प्रमाण पत्र लेकर एक्सईएन दफ्तर पहुंचा। आरोप है कि ठेकेदार के प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर की एवज में 7.5 फीसदी कमीशन की मांगी गई।
आरोप है कि अधिक कमीशन मांगने का ठेकेदार ने विरोध किया तो एक्सईएन ने गाली-गलौच शुरू कर दी। दोनों तरफ से गाली-गलौच होने लगी।
दफ्तर के अन्य कर्मचारी भी वहां पहुंच गए। देखते ही देखते एक्सईएन दफ्तर में ही दोनों तरफ से जूतम-पैजार शुरू हो गई।आरोप है कि एक्सईएन और कर्मियों ने ठेकेदार को लात-घूंसों से जमकर पीटा। बाद में जैसे-तैसे मामला शांत हो सका।
ठेकेदार ने पूरे मामले की शिकायत अधीक्षण अभियंता से की है। अधीक्षण अभियंता ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच की बात कही है। ठेकेदार योगेश शर्मा का कहना है कि एक्सईएन द्वारा ज्यादा कमीशन की मांग की गई।
मेरे विरोध करने पर उसने गाली-गलौच की। मेरे साथ दफ्तर के अंदर हाथापाई की गई। मुझे झूठे केस में फंसाने की धमकी दी गई। मैंने मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों से कर दी है।
वहीं, एक्सईएन रामबाबू का कहना है कि मेरे ऊपर कमीशन मांगने के लगाए सभी गए आरोप निराधार हैं। उन्होंने किसी भी ठेकेदार के साथ न तो अभद्रता की और न ही मारपीट की। वह किसी भी तरह की जांच के लिए तैयार हैं।