बुलंदशहर। सिविल बार एसोसिएशन की नई कार्यकारिणी के गठन की घड़ी करीब आ गई है। महीनों से चल रही चुनावी गहमागहमी अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। बुधवार को प्रक्रिया के तहत टेंडर वोट डाले गए, जिसके बाद अब पूरी नजरें बृहस्पतिवार को होने वाले मुख्य मतदान पर टिकी हैं। कचहरी परिसर में प्रत्याशियों ने अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है।
बुधवार का दिन सिविल बार एसोसिएशन के लिए काफी गहमागहमी भरा रहा। निर्वाचन अधिकारियों की देखरेख में चुनाव की प्रारंभिक प्रक्रियाओं को पूरा किया गया। इस दौरान विशेष परिस्थितियों में डाले जाने वाले टेंडर वोट की प्रक्रिया संपन्न हुई। निर्वाचन समिति के अनुसार, बुधवार को कुल 25 टेंडर वोट डाले गए। इन मतों को सुरक्षित रख लिया गया है, जिनका उपयोग नियमानुसार आवश्यकता पड़ने पर किया जाएगा। टेंडर वोट की प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होने के बाद अब प्रशासन और बार चुनाव समिति मुख्य मतदान की तैयारियों में जुट गई है। बार के सबसे महत्वपूर्ण अध्यक्ष पद के लिए इस बार त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल रहा है।
चुनावी मैदान में अधिवक्ता दिनेश सिंह, संजीव मित्तल और शीशपाल सिंह अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। तीनों ही प्रत्याशियों का वकीलों के बीच अपना मजबूत आधार है, जिससे मुकाबला कांटे का होने की उम्मीद है। वहीं, उपाध्यक्ष पद के लिए सीधा मुकाबला है। अधिवक्ता अकील अहमद अफरीदी और चेतन कुमार शर्मा आमने-सामने हैं। दोनों ही गुट अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं। महासचिव पद के लिए हरेंद्र कुमार शर्मा, रणधीर सिंह और योगेंद्र कुमार उर्फ रिंकू चौधरी के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिल रहा है। संयुक्त सचिव (सामान्य) के इस पद के लिए अधिवक्ता आलोक शर्मा और सचिन कुमार शर्मा चुनावी मैदान में डटे हुए हैं।
चुनाव अधिकारी अशोक डागर ने बताया कि मतदान बृहस्पतिवार सुबह 10:00 बजे शुरू होगा, जो बिना किसी रुकावट के शाम 5:00 बजे तक जारी रहेगा। सिविल बार के कुल 499 मतदाता अपने वोट के जरिए नई कार्यकारिणी का भविष्य तय करेंगे। सुरक्षा के लिहाज से कचहरी परिसर में पुख्ता इंतजाम किए गए हैं जिससे कि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो। मतदान प्रक्रिया समाप्त होने के तुरंत बाद शाम को मतगणना शुरू की जाएगी। देर शाम तक परिणामों की स्थिति स्पष्ट हो जाएगी और विजयी प्रत्याशियों के नामों की आधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी। कचहरी परिसर में इस समय केवल एक ही चर्चा है, कौन होगा सिविल बार का अगला मुखिया होगा। प्रत्याशियों ने बुधवार देर रात तक मतदाताओं के घर-घर जाकर समर्थन मांगा। अब देखना यह है कि 499 अधिवक्ता किसके पक्ष में अपना फैसला सुनाते हैं।
निर्विरोध निर्वाचन : इन पदों पर नहीं होगा मतदान
जहां, कुछ पदों पर भारी रस्साकशी है, वहीं कुछ सीटों पर पहले ही तस्वीर साफ हो चुकी है। बार चुनाव में कोषाध्यक्ष, संयुक्त सचिव (पुस्तकालय) और सभी कार्यकारिणी सदस्य निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए जा चुके हैं। इन पदों पर एकल नामांकन या आपसी सहमति के कारण मतदान की आवश्यकता नहीं पड़ी। अब केवल मुख्य चार पदों के लिए ही मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।