गांव इमलिया में मिट्टी की खुदाई करता जेसीबी संचालक। संवाद
बुलंदशहर/ऊंचागांव/गुलावठी। शहर के एक्यूआई में बुधवार को सुधार दिखा लेकिन खुर्जा का एक्यूआई अब भी 300 के पार चल रहा है। दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के स्तर में सुधार होने पर सीएक्यूएम ने ग्रेप-3 की पाबंदियां हटा ली हैं। इससे निर्माण गतिविधियों को राहत मिलेगी। बुधवार को बुलंदशहर का 279 और खुर्जा का 309 एक्यूआई मापा गया। ऊंचागांव में सड़कों पर धूल उड़ती रही। वहीं इमलिया में जेसीबी से खोदाई भी जारी रही।
ग्रेप-तीन के हटने से निर्माण कार्य शुरू हो जाएंगे। हालांकि जिन साइट को डस्ट कंट्रोल या अन्य नियमों के उल्लंघन पर बंद किया गया था, वे बिना सीएक्यूएम की अनुमति के शुरू नहीं होंगे। प्रदूषण अफसरों ने लोगों से सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग, वाहनों को बिना पीयूसी न चलाने, खुले में कूड़ा-कचरा एवं फसल अवशेष न जलाने की अपील की है। बुधवार सुबह ऊंचागांव में नहर की सफाई के बाद रेत को निकाल कर सड़क किनारे डाल दिया, जिससे वहां से गुजरने वाले वाहन के चलते धूल उड़ती नजर आई। गांव इमलिया में जेसीबी द्वारा सड़क के किनारे खोदाई का कार्य किया गया। जिससे मिट्टी सुबह से शाम तक उड़ती रही।
सांस के पहुंचे 12 मरीज, आंखों में जलन के 35 मरीज
गुलावठी नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर वायु प्रदूषण के चलते प्रतिदिन सांस लेने में परेशानी एवं आंखों में जलन के मरीज आ रहे है। बुधवार को सांस लेने में परेशानी के 12 एवं आंखों में जलन के 35 मरीजों ने परामर्श लिया। सीएचसी के डॉ. अरुण कुमार ने बताया कि इन दिनों मरीज आंखों में जलन, नजला, खांसी और बुखार जैसे लक्षणों के साथ आ रहे हैं। सीएचसी अधीक्षक डॉ. पवन मावी ने बताया कि वायु प्रदूषण के चलते सांस संबंधी बीमारी के मरीज बढ़े है। बुधवार को आंखों में जलन के 35, गले में खराश के 18 और सांस लेने में परेशानी के 12 मरीज उपचार कराने आए।
सीएक्यूएम ने ग्रेप-3 को हटा दिया है। अब जिले में ग्रेप-दो एवं एक की पाबंदी लागू रहेगी। जहां भी लापरवाही मिल रही है, उनकी जानकारी संबंधित विभाग को देकर कार्रवाई कराई जा रही है। - विमल कुमार, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड