हाईकोर्ट के आदेशों पर पालिका अफसरों की मनमानी भारी पड़ रही है। नगर के सभी प्रमुख चौराहे और सड़क होर्डिंग्स से पटे हैं। जर्जर पोल पर लगाए गए ये होर्डिंग्स लोगों के सिर पर मौत की तरह मंडरा रहे हैं। कई जगह हादसे होने के बाद हाईकोर्ट ने ऐसे होर्डिंग्स को हटाने के आदेश दिए थे।
पिछले सप्ताह ही नोएडा में एक युवक की होर्डिंग्स गिरने से मौत हो गई थी। वसूली की आड़ में अफसर इसको बढ़ावा दे रहे हैं। तेज आंधी-बारिश में इनके कारण बड़ा हादसा हो सकता है।
नगर के कालाआम चौराहे से लेकर भूड़ चौराहे तक, कलक्ट्रेट होते हुए डीएवी तिराहे तक, कालाआम से स्याना अड्डे , डीएम रोड , अंसारी रोड तक जगह-जगह बड़े होर्डिंग्स लगे हैं।
बड़े-बड़े होर्डिंग्स सड़क किनारे यमराज की तरह हैं। बनकर खड़े हुए हैं। आंधी-बारिश में ये कभी भी बड़े हादसे का सबब बन सकते हैं। हाईकोर्ट के आदेशानुसार नगरों-शहरों की लाइफलाइन सड़क पर होर्डिंग्स नहीं लगाए जा सकते हैं। इसके साथ ही मुख्य चौराहे से 100 मीटर दूरी तक भी होर्डिंग्स नहीं लग सकते।
इसके अलावा होर्डिंग्स की लंबाई-चौड़ाई भी हाईकोर्ट के दिशानिर्देश भी तय हैं। चिह्नित स्थानों पर ही होर्डिंग्स लगाए जा सकते हैं, लेकिन ठेकेदारों ने पूरा शहर इनसे पाट दिया है। ठेकेदार मोटी रकम लेकर अवैध होर्डिंग्स लगवा रहे हैं।
वसूली का एक हिस्सा अफसरों तक पहुंच रहा है। पूरा शहर होर्डिंग्स से पटा हुआ है। इनकी अधिकता से शहर की सुंदरता खो गई है।
चिह्नित स्थानों के अलावा गलत तरीके से लगाए गए होर्डिंग्स हटवाए जाएंगे। इसके लिए अभियान चलाया जाएगा। शहर की सुंदरता और लोगों की सुरक्षा से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। - एके सिंह, ईओ, नगर पालिका