बुलंदशहर/अनूपशहर। क्षेत्र निवासी एक 11 वर्षीय बच्चे की मंगलवार को पेटदर्द व उल्टी के कारण मौत हो गई। परिजनों ने अनूपशहर के चिकित्सकों पर गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाया है। हालांकि उन्होंने बिना पोस्टमार्टम कराए शव को गंगा में प्रवाहित कर दिया।
अनूपशहर ब्लॉक क्षेत्र के गांव मऊ निवासी मुकेश कुमार का बेटा सचिन कक्षा छह का छात्र था। पिता ने बताया कि सोमवार को गांव के चामुंडा देवी मंदिर पर भंडारा आयोजित हुआ। इसमें सचिन ने भी प्रसाद खाया था।
बताया कि मंगलवार सुबह करीब पांच बजे सचिन के पेट में अचानक दर्द होने लगा। शौच के दौरान उसे उल्टी हुई और हालत बिगड़ती चली गई। शुरुआत में उसे गांव शेरपुर के एक निजी चिकित्सक के पास ले गए।
वहां उपचार कराने के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अनूपशहर लेकर पहुंचे। अनूपशहर सीएचसी पर उपचार करने के बाद हालत गंभीर बता बुलंदशहर रेफर कर दिया। मेडिकल कॉलेज के नए भवन की इमरजेंसी पहुंचे तो चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
इमरजेंसी स्टाफ के पूछने पर परिजनों ने अनूपशहर में गलत इंजेक्शन दिए जाने की बात कही। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया। बिना पोस्टमार्टम कराए शव को घर ले गए। सचिन तीन भाइयों में सबसे छोटा था।
इमरजेंसी स्टाफ ने बताया कि परिजन बच्चे को अनूपशहर सीएचसी से रेफर कराकर लाए थे। उसे ईसीजी जांच व सीपीआर दिया गया। बच्चे की मौत पहले ही हो चुकी थी। पूछताछ में परिजन कभी निजी चिकित्सक तो कभी सीएचसी में गलत इंजेक्शन लगाने की बात कहते रहे।
कोट
बच्चा इमरजेंसी में मृत अवस्था में लाया गया था। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया और शव घर ले गए। - धीर सिंह, चिकित्सा अधीक्षक मेडिकल कॉलेज
बच्चे को जब सीएचसी लाया गया तो वह अचेत अवस्था में था। इमरजेंसी स्टाफ ने उसे रिवाइव करने का प्रयास किया। ऑक्सीजन और जरूरी इंजेक्शन दिए। हालत गंभीर होने पर उसे तुरंत बुलंदशहर रेफर किया गया। - डॉ. पीके मिश्रा, सीएचसी प्रभारी, अनूपशहर