संवाद न्यूज एजेंसी
बुलंदशहर। स्वास्थ्य विभाग में बीते 30 वर्षों से जमे चीफ फार्मासिस्ट का स्वास्थ्य महानिदेशक ने सहारनपुर जिला अस्पताल से संबद्ध कर दिया है। वहीं, नगर निवासी युवक द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच मेरठ मंडल की जगह सहारनपुर मंडल के एडी को सौंपी गई है।
नगर के कृष्णा नगर निवासी मुनेश कुमार ने एक सप्ताह पूर्व उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य के साथ महानिदेशक स्वास्थ्य को स्वास्थ्य विभाग के एक चीफ फार्मासिस्ट की शिकायत पत्र भेजकर की। आरोप लगाया कि पिछले कुछ सालों में स्वास्थ्य विभाग में हुई सामान, दवा और अन्य संसाधन खरीदने में भ्रष्टाचार किया गया। पिछले चार साल में करोड़ों रुपये के 25 टेंडर में कमीशन के लिए विभाग ने खेल करते हुए अपने चहेते को दे दिया। इसको लेकर पूर्व में डीएम, सीडीओ और सीएमओ से शिकायतें होती रहीं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। वहीं, संबंधित चीफ फार्मासिस्ट पिछले 30 सालों से एक ही जगह तैनात है। जिले के अफसरों द्वारा कार्रवाई न करने पर एक सप्ताह पूर्व मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को साक्ष्य के साथ पत्र भेजकर की। साक्ष्य देखने के बाद महानिदेशक स्वास्थ्य डाॅ. ब्रजेश राठौर ने अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सहारनपुर को जांच अधिकारी नामित किया है। जांच प्रक्रिया प्रभावित न हो इसको ध्यान में रख चीफ फार्मासिस्ट जगदीश पाल तेवतिया को एसबीडी जिला चिकित्सालय सहारनपुर से संबद्ध कर दिया है। इनके वेतन का भुगतान भी तभी होगा, जब सहारनपुर के एसबीडी अस्पताल के अधीक्षक बुलंदशहर सीएमओ को उपस्थिति उपलब्ध कराएंगे। साथ ही सहारनपुर के एडी को जांच की जिम्मेदारी सौंपी है।
सीएमओ डॉ. विनय कुमार सिंह ने बताया कि चीफ फार्मासिस्ट के सहारनपुर संबद्ध किए जाने और मामले की जांच का आदेश शासन से प्राप्त हो गया है। जांच में पूरा सहयोग किया जाएगा।