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नौकरी लगवाने के नाम पर 15.5 लाख की ठगी

सार

नौकरी लगवाने के नाम पर 15.5 लाख की ठगीककोड़।थाना क्षेत्र के गांव सलेमपुर जाट निवासी यशपाल सिंह पुत्र हरपाल सिंह ने बताया कि वह दिल्ली स्थित गुरूतेग बहादुर अस्पताल में कार्यरत हैं।जगवीर के भाई वीरेंद्र सिंह ने दो लाख नकद, एक लाख खाते में ट्रांसफर किए।
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नौकरी लगवाने के नाम पर 15.5 लाख की ठगी
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ककोड़। तीन राज्यों के लोगों ने एक साथ मिलकर जनपद के चार लोगों से नौकरी लगवाने के नाम पर 15.5 लाख रुपये की ठगी कर ली। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
थाना क्षेत्र के गांव सलेमपुर जाट निवासी यशपाल सिंह पुत्र हरपाल सिंह ने बताया कि वह दिल्ली स्थित गुरूतेग बहादुर अस्पताल में कार्यरत हैं। कार्य करने के दौरान शालीमार गार्डन मेन थाना साहिबाबाद जनपद गाजियाबाद निवासी दीपक बोरा, विजय सिंह से उसके संबंध हो गए। दीपक, विजय सिंह ने उसे बताया कि उनके व उनके मित्र ग्राम मुजेलिया थाना बेला जनपद सीतामढ़ी बिहार निवासी राजीव कुमार पासवान, ग्राम पोखराम थाना मुडलीगंज जनपद मधेपुर बिहार निवासी अमित कुमार, तेनू घाट बोकारो झारखंड निवासी आनंद कुमार श्रीवास्तव के एफसीआई विभाग में उच्चाधिकारियों से अच्छे संबंध हैं। यदि तुम अपने किसी परिचित की नौकरी एफसीआई में लगवाना चाहते हो तो हम लगवा देंगे। जिसके बाद दीपक, विजय सिंह ने उसे अपने दोस्तों से मिलवाया। सभी ने उसे एफसीआई में नौकरी लगवाने का आश्वासन दिया। उनकी बातों पर विश्वास करते हुए उसने अपने रिश्तेदार ग्राम जलालपुर करौरा थाना शिकारपुर बुलंदशहर निवासी अरुण कुमार पुत्र तेजवीर सिंह, गांव निवासी प्रदीप शर्मा पुत्र सुनील कुमार, ग्राम वैरबादशाहपुर ककोड़ निवासी जगवीर पुत्र रंजीत सिंह को उनसे मिलवाया।
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उक्त लोगों ने एफसीआई में नौकरी लगवाने के नाम पर प्रदीप शर्मा से 4.36 लाख अपने खाते में ट्रांसफर कराए। जगवीर के भाई वीरेंद्र सिंह ने दो लाख नकद, एक लाख खाते में ट्रांसफर किए। यशपाल ने भी दो लाख नकद दीपक को दिए और 1.96 लाख रुपये इनके खाते में ट्रांसफर किए। आठ फरवरी 2019 को उक्त सभी लोग उसके घर पर आए और पांच लाख रुपये नकद लिए। जिसके बाद प्रदीप कुमार शर्मा को एफसीआई में ट्रेनिंग हेतु पत्र दिया। वहीं अरुण कुमार को नियुक्ति पत्र दिया। जब वह इनके द्वारा दिए गए पत्रों को लेकर एफसीआई कार्यालय पहुंचे तो पता चला कि उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र दिए गए हैं। जब दीपक व उसके साथियों से धोखाधड़ी के संबंध में शिकायत की गई तो उन्होंने कार्रवाई करने पर जान से मारने की धमकी दी। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई को 17 मई 2022 को एसएसपी बुलंदशहर को डाक के माध्यम से प्रार्थना पत्र भेजा गया। लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। मजबूरन उसे न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा। थाना काकोड़ के निरीक्षक प्रताप सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
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