बुलंदशहर। बेटी पढ़ाओ का नारा बुलंद करने के साथ स्कूल को पूरी तरह डिजिटल बनाया। इतना ही नहीं छात्र-छात्राओं का 42 से लेकर 1355 तक नामांकन पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। इसके साथ कई ऐसे कई अहम कार्य किए, जिनकी क्षेत्र में चर्चा होती है। इसी उपलब्धि को लेकर कंपोजिट विद्यालय स्याना की प्रधानाध्यापक जूली मलिक का चयन राज्य पुरस्कार के लिए हुआ है। उन्हें पांच सितंबर को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सम्मानित करेंगे।
बेसिक शिक्षा विभाग के सरकारी स्कूलों के प्रति समाज की पुरानी सोच को बदलते हुए जिले का नाम रोशन करने वाली उच्च प्राथमिक विद्यालय कंपोजिट स्याना की शिक्षिका जूली मलिक को राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए चुना गया है। मूल रूप से स्याना ब्लॉक के घंसूरपुर निवासी जूली मलिक ने वर्ष 2002 में बेसिक शिक्षा विभाग में अपनी सेवा शुरू की थी। इसके बाद से ही उन्होंने लगातार विद्यालयों की सूरत और सेहत सुधारने पर काम किया। वर्ष 2013 में जब उनका स्थानांतरण भैंसोड़ा से कंपोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय स्याना में हुआ। बताया कि तब इस स्कूल स्थिति चिंताजनक थी और वहां मात्र 42 बच्चे नामांकित थे। जूली मलिक ने इसे चुनौती के रूप में स्वीकार किया और गांव-गांव तथा घर-घर जाकर अभिभावकों से सीधा संपर्क किया। उन्होंने बताया कि सरकारी स्कूलों में पढ़ाई नहीं होती'''''''' वाली आम धारणा को बदलने के लिए काफी प्रयास किए। निरंतर प्रयासों और अभिभावकों के साथ बनाए गए विश्वास का ही परिणाम है कि लोगों ने निजी स्कूलों से अपने बच्चों के नाम कटवाकर इस स्कूल में दाखिला कराया। आज इस विद्यालय में कुल 1,355 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं, जिनमें करीब 700 छात्राएं शामिल हैं। उन्होंने बताया कि सबसे बड़ी चुनौति उन छात्राओं को स्कूल लाने में रही, जो किसी कारण स्कूल नहीं आती थी। वहीं, विभाग की ओर से दो कमरों में एलईडी लगवाई लेकिन उन्होंने छह कमरों में और एलईडी लगवाई। साथ ही दिव्यांग छात्र-छात्राओं को भी शिक्षा से जोड़ा और स्कूल में भौतिक संसाधन बढ़ाए। उन्होंने बताया कि स्कूल में जगह कम है और इसके लिए उन्होंने विभाग को अवगत करा दिया है। उनका प्रयास है कि इस स्कूल को जिले का ऐसा स्कूल बनाया जाए जो निजी स्कूलों को भी पूरी तरह से मात दे सके।
बेसिक शिक्षा अधिकारी वीरेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि राज्य पुरस्कारों की घोषणा हो चुकी है। इस पुरस्कार के लिए प्रधानाध्यापक जूली मलिक का चयन हुआ है। उन्हें पांच सितंबर को पुरस्कृत किया जाएगा। साथ ही उन्हें 25 हजार रुपये नगद, प्रशस्ति पत्र व दो साल का सेवा विस्तार का भी लाभ मिलेगा।