ककोड़। आरोपी की जगह मानसिक दिव्यांग को जेल भेजने के आरोप में तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक रामवीर सिंह समेत चार पुलिसकर्मियों और एक होमगार्ड के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मानसिक दिव्यांग के पिता ने न्यायालय में गुहार लगाई थी। न्यायालय के आदेश पर यह कार्रवाई हुई है। ककोड़ क्षेत्र के धनौरा गांव निवासी वीर सिंह ने न्यायालय में दी शिकायत में बताया कि उनका बेटा सुनील कुमार 70 प्रतिशत मानसिक रूप से दिव्यांग है। तीन जनवरी 2023 को शाम करीब पांच बजे वह पैदल गांव की ओर आ रहा था। ककोड़ थाना पुलिस ने रास्ते से सुनील कुमार को उठाकर ले गई। दो दिन तक परिजनों को बिना जानकारी दिए सुनील को थाने में बंद रखा गया। उसके साथ मारपीट की और पांच जनवरी 2023 को आर्म्स एक्ट में जेल भेज दिया।
इस संबंध में उन्होंने 11 जनवरी 2023 और 27 फरवरी 2023 को एसएसपी बुलंदशहर को शिकायत दी। 20 मई 2023 को आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। दो साल बाद परेशान होकर 28 जनवरी 2025 को न्यायालय में गुहार लगाई। वीर सिंह का आरोप है कि मुकदमा उनके ही गांव के निवासी बिंदु के खिलाफ दर्ज हुआ था, जबकि पुलिस ने उनके बेटे सुनील को जेल भेज दिया।
सीओ सिकंदराबाद भास्कर मिश्रा ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक रामवीर सिंह, उपनिरीक्षक मनीष चौहान, कांस्टेबल लोकेंद्र सिंह, पंकज पंवार, होमगार्ड प्रमोद सिंह पर धमकी देने, लोक सेवा में होकर झूठ बोलने और गलत गिरफ्तार करने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। रामवीर सिंह की वर्तमान में तैनाती डीसीआरबी प्रभारी बुलंदशहर के पद पर है।