जिले में प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री पाए जाने पर मेडिकल स्टोर का लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य और औषधि विभाग की टीम संयुक्त रूप से छापे मारेगी।
जिले में प्रतिबंधित दवाओं का कारोबार बढ़ता ही जा रहा है।
खुद स्वास्थ्य विभाग के अफसर मान रहे हैं कि बड़ी संख्या में मेडिकल स्टोर संचालक प्रतिबंधित दवाओं को महंगे दाम पर बेच रहे हैं। हाल ही में जिला अस्पताल में भर्ती एक महिला मरीज के पास से भी प्रतिबंधित दवाओं की बड़ी खेप पकड़ी गई थी।
महिला मरीज ने स्वास्थ्य अफसरों को बताया था कि वह यह दवा जिला अस्पताल के बाहर मेडिकल स्टोरों से खरीदती है। छह रुपये के इंजेक्शन के बदले उसे 60 रुपये चुकाने पड़ते हैं। इसके बाद हरकत में आए सीएमओ ने औषधि विभाग के अफसरों को मेडिकल स्टोरों पर छापामार कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।