एआईएमआईएम-आसपा के पदाधिकारियों की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज
बुलंदशहर। नगर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कसाईवाड़ा की मनिहारों वाली गली में रविवार रात एआईएमआईएम (आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल मुस्लिमीन) और आसपा (आजाद समाज पार्टी) के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के बीच भिड़ंत हो गई थी। मामले में देर रात पुलिस ने दोनों पक्षों के पदाधिकारियों की तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है। मामले में दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर फायरिंग करने का भी आरोप लगाया है। देर रात डीएम और एसएसपी ने भी मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की थी।
एआईएमआईएम के बुलंदशहर सदर सीट से विधानसभा उपचुनाव में प्रत्याशी दिलशाद अहमद ने देर रात तहरीर देकर बताया कि वह कसाईवाड़ा की मनिहारों वाली गली में पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के साथ सभा कर रहे थे। उसी समय वहां से आजाद समाज पार्टी के लोग निकले और सभा को देखकर आगबबूला हो गए। आरोप है कि आसपा के लोगों ने दिलशाद अहमद और उनके समर्थकों पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। जिसमें कई समर्थक बाल-बाल बचे। वहीं, आजाद समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष मदनपाल सिंह गौतम ने भी तहरीर दी है। जिसमें उन्होंने बताया कि उनके पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद मनिहारों वाली गली में नूर मोहम्मद के आवास पर चाय पर गए थे। जब वह एआईएमआईएम की चुनावी सभा के नजदीक पहुंचे तो उनके समर्थकों ने आजाद समाज पार्टी के मुखिया और अन्य को निशाना बनाते हुए गोलियां चला दीं। जिसमें आसपा प्रमुख चंद्रशेखर बाल-बाल बचे। पुलिस ने दोनों पक्षों की तरफ से तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है। हालांकि, दोनों ही पक्षों ने किसी को भी नामजद नहीं किया है।
डीएम-एसएसपी ने मौके पर पहुंचकर स्थानीय लोगों से वार्ता कर ली जानकारी
एआईएमआईएम और आसपा पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प के बाद सोशल मीडिया पर फायरिंग आदि का मामला तूल पकड़ गया था। जिसके बाद डीएम रविंद्र कुमार और एसएसपी संतोष कुमार सिंह हरकत में आए और दल-बल के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने घटना स्थल का स्थलीय निरीक्षण करते हुए आसपास के लोगों/चश्मदीदों से घटना की विस्तृत रूप से जानकारी हासिल की। स्थानीय निवासियों/चश्मदीदों द्वारा बताया गया कि दोनों पार्टी के समर्थकों द्वारा एक-दूसरे पर आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने पर विवाद हुआ और कुर्सी आदि फेंकी गई, जिसमें कोई भी व्यक्ति घायल नहीं हुआ। स्थानीय लोगों द्वारा यह भी बताया गया कि दोनों ओर से कोई फायरिंग नहीं की गई।
नगर मजिस्ट्रेट-सीओ को सौंपी जांच
जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी ने घटना की जांच के लिए नगर मजिस्ट्रेट/ क्षेत्राधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि घटना की विस्तृत रूप से जांच करते हुए रिपोर्ट प्रेषित की जाए। उन्होंने कहा कि निर्वाचन के दौरान शांतिभंग किए जाने के लिए संबंधित आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस-प्रशासन ने जारी की प्रत्याशियों की वीडियो
देर रात ही पुलिस प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेने के बाद प्रत्यक्षदर्शियों से बातचीत की और उनकी वीडियो जारी की। जिसमें स्थानीय लोग फायरिंग होने की बात से इंकार कर रहे हैं। उनका कहना है कि मौके पर एक व्यक्ति नाले में गिर गया था। जिसके बाद थोड़ा विवाद हुआ था। वहीं, दूसरी ओर आसपा के प्रत्याशी हाजी यामीन का भी पुलिस ने वीडियो जारी किया है। जिसमें वह भी किसी विवाद के होने से इंकार कर रहे हैं। उनका कहना है कि उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने किसी से कोई झगड़ा नहीं किया है। जबकि, एआईएमआईएम के प्रत्याशी दिलशाद भी जारी किए गए वीडियो में खुद को व पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं को निर्दोष बताते नजर आ रहे हैं।
दोनों पार्टी के पदाधिकारियों ने नगर कोतवाली में तहरीर दी है। जिनके आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है। फायरिंग की बात अभी तक पुलिस की जांच में सामने नहीं आई है। मौके पर केवल छींटाकशी और मारपीट का मामला सामने आ रहा है।
संतोष कुमार सिंह, एसएसपी