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...तो सदर सीट पर मुस्लिम-दलित कार्ड खेल सकती है बसपा

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...तो सदर सीट पर मुस्लिम-दलित कार्ड खेल सकती है बसपा
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बुलंदशहर। सदर विधानसभा उपचुनाव को लेकर सभी दल के संभावित उम्मीदवार अपनी -अपनी रणनीति बनाने में जुट गए हैं। बसपा प्रमुख के उपचुनाव में प्रत्याशी उतारने की घोषणा के बाद से बसपा संगठन में भी खासा उत्साह है और कई लोग चुनाव लड़ने के लिए सक्रिय हो गए हैं। वहीं, माना जा रहा है कि इस उपचुनाव में बसपा सदर सीट से मुस्लिम और दलित वोट फैक्टर के किसी मुस्लिम प्रत्याशी के सहारे अपनी नैया पार लगाने की जुगत में है।
गौरतलब है कि पिछले दिनों बसपा सुप्रीमो मायावती ने प्रदेश में होेने वाले उपचुनावों में अपनी पार्टी के उम्मीदवारों को चुनाव लड़ाने की घोषणा की। साथ जल्द ही उन्होंने प्रभारियों की सूची जारी करने की बात कही। आने वाले दो-चार दिनों में पार्टी अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर सकती है। साथ ही जनपद की बात करें तो 2017 में हुए चुनाव में बसपा की तरफ से दिवंगत पूर्व विधायक हाजी अलीम मैदान में थे। हाजी अलीम सदर सीट से दो बार विधायक चुने गए थे। अगौता विधानसभा सीट का परिसीमन में सदर सीट में विलय होने के बाद भाजपा के दिवंगत विधायक वीरेंद्र सिंह सिरोही ने हाजी अलीम का विजय रथ रोका था। बात करें गत विधानसभा के चुनाव परिणामों की तो भाजपा के वीरेंद्र्र सिरोही कोे 111538 वोट मिले थे और बसपा के हाजी अलीम को 88454 वोेट मिले थे। भाजपा की लहर के बावजूद वीरेंद्र सिंह सिरोही मात्र 23084 वोटों के अंतर से जीत पाए थे। वीरेंद्र सिरोही जनपद में भाजपा के बड़े चेहरा रहे हैं। ऐसे में उन्हें भी कांटे की टक्कर का सामना करना पड़ा। एक आंकड़े के अनुसार सदर सीट पर दलित और मुस्लिम वोट प्रतिशत की स्थिति करीब 35 से 40 फीसदी है। इसमें मुस्लिम वोटरों की बात की जाए तो कुल एक लाख के ऊपर मतदाता हैं। वहीं, एससी-एसटी वर्ग में करीब 60 हजार के आसपास मतदाता हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि आगामी विधानसभा के उपचुनाव में बसपा अपने दलित और मुस्लिम वोट बैंक के सहारे उपचुनाव में किसी मुस्लिम प्रत्याशी को उतारकर विपक्ष के उम्मीदवारों को कड़ी टक्कर देने के मूड में है।
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अभी टिकट की किसे मिलेगा यह तय नहीं है। आने वाले कुछ दिनों में पार्र्टी निर्णय लेगी। पार्टी हाईकमान से जिसे भी टिकट मिलेगा संगठन मजबूती से उसे चुनाव लड़वाएगा। प्रदेश में होने वाले उपचुनाव में पार्टी बेहतरीन प्रदर्शन करेगी।
- शमसुद्दीन राइन, प्रभारी पश्चिमी उत्तर प्रदेश, बसपा
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