पिलखुवा। पिलखुवा और धौलाना औद्योगिक क्षेत्र में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों की ओर से शनिवार को हुई सीलिंग कार्रवाई के खिलाफ कारोबारियों के साथ भाजपा नेता भी लामबंद हुए हैं। इस्कॉन मंदिर के पास संचालित फैक्टरी सील होने के बाद कारोबारी संगठनों ने दो दिन का अल्टीमेटम देते हुए कार्रवाई वापस नहीं होने पर सामूहिक तालाबंदी की चेतावनी दी है। आरोप है कि उगाही के चक्कर में अधिकारी एकतरफा यह कार्रवाई कर रहे हैं और उद्यमियों को परेशान कर रहे हैं।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने शनिवार को पिलखुवा स्थित यश टैक्स कारखाने को परिसर में धुआं और बदबू फैलने के विरोध में कार्रवाई की थी। इस कारखाने में स्कूल बैग और रबड़ के पट्टे बनाने का काम किया जा रहा था। जिसके बाद टीम ने कारखाने को सील कर दिया। कारोबारी विनय अग्रवाल, संजय अग्रवाल, अनिल, दीपक और राकेश ने आरोप लगाते हुए कहा कि बिना पर्याप्त समय और सुनवाई के सीधे इकाइयों पर सीलिंग की कार्रवाई की जा रही है।
इससे उद्योगों के साथ हजारों श्रमिकों के सामने भी रोजगार का संकट खड़ा हो रहा है। उद्योगों को नोटिस देकर सुधार का अवसर दिया जाना चाहिए। बिना संवाद और समय दिए फैक्ट्रियां सील करने से कारोबार और श्रमिक दोनों प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दो दिन में कार्रवाई वापस नहीं हुई तो कारोबारी बड़े स्तर पर तालाबंदी को मजबूर होंगे। नगर पालिका अध्यक्ष विभु बंसल ने कहा कि पिलखुवा और धौलाना की औद्योगिक इकाइयां क्षेत्र की अर्थव्यवस्था की मजबूत कड़ी हैं। पर्यावरण मानकों का पालन जरूरी है, लेकिन कारोबार को बंद कराने जैसी कार्रवाई समाधान नहीं है। उन्होंने प्रशासन से कारोबारियों के साथ वार्ता कर व्यावहारिक रास्ता निकालने की मांग की।
वहीं भाजपा के पदाधिकारियों ने भी इसका विरोध किया है। पिलखुवा नगर पालिका अध्यक्ष विभु बंसल ने कहा कि पिलखुवा और धौलाना की औद्योगिक इकाइयां क्षेत्र की अर्थव्यवस्था की मजबूत कड़ी हैं। पर्यावरण मानकों का पालन जरूरी है, लेकिन कारोबार को बंद कराने जैसी कार्रवाई समाधान नहीं है। उन्होंने प्रशासन से कारोबारियों के साथ वार्ता कर व्यावहारिक रास्ता निकालने की मांग की। जबकि धौलाना ब्लॉक प्रमुख निशांत सिसौदिया का कहना है कि यह शोषण नहीं रुका तो सभी उद्यमी अधिकारियों को अपनी फैक्टरियों की चाबी सौंपेंगे और इस मुद्दे को शासन में उठाया जाएगा। जबकि एई विपुल कुमार का कहना है कि निरीक्षण और वीडियो साक्ष्य के अनुसार नियमानुसार यह कार्रवाई की गई है। कारोबारियों से वार्ता की जा रही है।