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बुखार से महिला की मौत

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बुखार से महिला की मौत, कइयों के बीमार होने से मचा हड़कंप
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औरंगाबाद। खानपुर के गांव जाड़ौल में बीती रात बुखार से एक महिला की मौत हो गई। जाड़ौल में अब तक बुखार से दो ग्रामीणों की मौत हो चुकी है। गांव में कइयों के बीमार होने से हड़कंप मच हुआ है। इसके बावजूद भी स्वास्थ्य विभाग ने मच्छरों पर नियंत्रण करने के लिये दवाई का छिड़काव नहीं कराया है और न ही गांव में कैंप लगाने की जहमत उठाई है। जिससे ग्रामीणों में स्वास्थ्य विभाग के प्रति रोष व्याप्त है।
बता दें कि गांव जाड़ौल के आंबेडकर मोहल्ला निवासी ममता पत्नी विनोद जाटव 37 वर्षीय गत चार-पांच दिनों से बुखार से पीड़ित चल रही थी। जिसका उपचार गांव में ही एक अपंजीकृत चिकित्सक के यहां चल रहा था। बुखार से पीड़ित महिला की रविवार को हालत बिगड़ने पर अपंजीकृत चिकित्सक द्वारा परिजनों को उसे मेरठ ले जाने की सलाह दी। वहीं, उपचार के लिए मेरठ ले जाते समय रविवार रात महिला ने रास्ते में दम तोड़ दिया। वहीं, इससे पूर्व सुरेंद्र पुत्र मुंशी चौधरी की डेंगू बुखार से मौत हो गई थी। जाड़ौल में अब तक बुखार से दो ग्रामीणों की मौत हो चुकी है। ग्रामीणों में स्वास्थ्य विभाग और ग्राम प्रधान पर आरोप लगाया कि गांव में गंदगी का आलम छाया हुआ है। जिससे गांव में मच्छरों का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। जिससे बचने के लिए न तो फॉगिंग कराई जा रही है और न ही एंटी लार्वा का छिड़काव करवाया जा रहा है। जिससे ग्रामीणों में ग्राम प्रधान और स्वास्थ्य विभाग के प्रति कड़ा रोष व्याप्त है। जहांगीराबाद सीएचसी प्रभारी डॉ. आशीष मुदगल ने बताया कि महिला की बुखार से मौत होने का मामला संज्ञान में है। स्वास्थ्य विभाग की टीम को गांव भेजकर बुखार से पीड़ित लोगों की जांच कराकर दवाई का वितरण कराया जायेगा।
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नैथला समेत कई गांवों में पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम
बुलंदशहर। गांव-गांव बुखार का कहर छाने पर स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया। सोमवार को नैथला समेत अन्य क्षेत्रों में स्वास्थ्य कैंप लगाया गया। स्वास्थ्य कैंप में 350 से अधिक मरीजों की स्वास्थ्य संबंधी जांच की गई। वहीं, बुखार के मरीज मिलने पर दवा वितरित की गई।
बता दें कि जनपदभर में बुखार का कहर छाया हुआ है। जिससे अब तक 35 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, हजारों लोग अभी भी बुखार से पीड़ित है। वहीं, कई गांव ऐसे भी जहां घर-घर बुखार के मरीजों की खाट बिछी पड़ी है। गांव में फैले बुखार के कहर को मीडिया द्वारा प्रमुखता से प्रकाशित करने पर स्वास्थ्य विभाग कुंभकर्णी नींद से जागा और संबंधित क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश देकर टीम को रवाना किया। सोमवार को सदर तहसील क्षेत्र के गांव नैथला और तोली समेत अन्य क्षेत्र में स्वास्थ्य कैंप आयोजित किए गए। साथ ही शिविर में आने वाले लोगों को साफ-सफाई रखने समेत अन्य सुझाव दिए। सीएमओ डॉ. केएन तिवारी ने बताया कि सोमवार को नैथला समेत अन्य स्थानों पर स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान करीब 360 मरीजों को प्राथमिक उपचार दिया गया। बताया कि कैंप में बुखार समेत अन्य बीमारियों के मरीज शामिल रहे। बुखार होने पर मरीजों के ब्लड के भी सैंपल जांच को लिए गए।
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विभाग को जांच में मिले डेंगू के मरीज, हड़कंप
बुलंदशहर। जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में दो दिन पूर्व बुखार से पांच मरीजों की मौत हुई थी। जिसका परिजनों ने डेंगू से मौत होने का दावा किया था। वहीं, डेंगू से मौत मामले की जांच में स्वास्थ्य अफसरों ने तीन मरीजों में डेंगू की पुष्टि की है। जबकि अन्य के जांच के लिए निर्देश दिए गए हैं।
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बता दें कि खानपुर क्षेत्र के गांव कनौना निवासी हरपाल का एक वर्षीय पुत्र, जरिया गांव निवासी देंवेंद्र सिंह का 12 वर्षीय पुत्र कपिल, बागवाला निवासी जाहिद खां के 18 वर्षीय पुत्र गुलफाम, अनूपशहर कस्बे के मौहल्ला अहारगेट निवासी सुरेंद्र सिंह की पत्नी राजकुमारी और स्याना क्षेत्र के गांव सराय मजरा निवासी नरेश की 39 वर्षीय पत्नी दयावती की शुक्रवार रात्रि और शनिवार को बुखार के चलते उपचार के दौरान मौत हो गई थी। परिजनों ने सभी का डेंगू से मौत होने का दावा किया था। डेंगू से एक साथ पांच मौत होने पर स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में जांच के आदेश जारी कर दिए गए। वहीं, जिलाधिकारी द्वारा भी रिपोर्ट तलब की गई। सीएमओ डॉ. केएन तिवारी ने बताया कि पांचों मृतक परिवारों के घर पर जाकर जानकारी की गई। इस दौरान अनूपशहर निवासी महिला की मौत का डेंगू होना और स्याना निवासी महिला समेत खानपुर निवासी मृतक गुलफाम डेंगू के संबंधित लक्षण मिले है। जिनमें डेंगू होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। अन्य मरीजों की मौत का अन्य कारणों से हुई है। बताया कि डेंगू से बचाव के प्रयास किए जा रहे हैं।
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