ऑडियो ने सिस्टम की खोली पोल, आंगनबाड़ी में कैसे होता है खेल
बुलंदशहर। सरकारी सिस्टम में किस तरह से भ्रष्टाचार कायम है। उसकी पोल एक वायरल हो रही ऑडियो ने खोल दी थी। ऑडियो में बात कर रही एक महिला एवं एक व्यक्ति बता रहे हैं कि किस तरह से सरकारी राशन को बचाना है और उसको बेचकर नीचे से लेकर ऊपर तक पैसे का बंटवारा करना है। इस ऑडियो के वायरल होने के बाद विभागीय अधिकारियों की किस तरह किरकिरी हो रही है। ऑडियो से साफ हो रहा है कि लाभार्थियों को मिलने वाले राशन में सरकारी सिस्टम एवं इससे जुड़े लोग किस तरह सेंधमारी करके शासन की योजना को खोखला करने का काम कर रहे हैं।
जनपद में बृहस्पतिवार को एक ऑडियो वायरल हुआ। यह ऑडियो पहासू क्षेत्र का बताया जा रहा है। इसमें एक महिला और एक व्यक्ति के बीच बातचीत हो रही है। जिसमें एक महिला एक व्यक्ति से बातचीत में एक अन्य महिला का नाम लेकर कह रही है कि उसकी तो छोड़ो, पोषाहार ज्यादा नहीं बचा है। मेरा हिसाब-किताब बता दो, मुझे कितने पैसे देने हैं। इसके जवाब में व्यक्ति कह रहा है कि मेरी तो उससे बात नहीं हुई है। मेरी ब्लॉक पर बात हुई थी और इसमें जो दो लोग शामिल हैं। उनका कहना है कि इसमें समूह की महिला शामिल रहेंगी। हम जैसे लोग वहां रखने पड़ेंगे, क्योंकि उन्हें सरकार किस बात का पैसा दे रही है। जो भी उनका शेयर है आपको मिल जाएगा। तुमसे तो मैं 750 रुपये ही लूंगा। व्यक्ति अपना नाम लेकर कह रहा है कि इसमें सारी बुराई मुझ पर ही आएगी। पहले भी खूब बचा है। महिला कह रही है बचने के बाद पहले 500-500 रुपये देती हूं। बातचीत में महिला का कह रही है कि घर पर बोरी पड़ी है और उसे बेचने के लिए तुम्हारे साथ ले चलूंगी। करीब 15 मिनट की बातचीत के बीच बचे राशन की भी बात कहीं जा रही है। महिला बातचीत में यह भी कह रही है कि इसमें पूरी जिम्मेदारी तो हमारी है और हमें ही रिपोर्ट देनी है। इसके जवाब में व्यक्ति कह रहा है कि रिपोर्ट में सभी को राशन देने की बना देना। ऑडियो की बातचीत में गांव नगला का भी जिक्र किया जा रहा है। कुल मिलाकर इस वायरल हो रहे ऑडियो ने पूरे सिस्टम की पोल खोलकर रख दी है।
जनपद में 2.76 लाख से अधिक हैं बच्चे, महिलाएं और किशोरी लाभार्थी
जनपद में 3967 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इनसे 2.76 लाख से अधिक लाभार्थी जुड़े हुए हैं। इनमें पंजीकृत बच्चों की संख्या 1,88,352 है। जबकि गर्भवती और धाती महिलाओं की संख्या 79,349 है। कुपोषित बच्चों की संख्या 4485 और स्कूल न जाने वाली 11 से 14 वर्ष की किशोरियों की संख्या 4388 है।
पहले भी पोषाहार वितरण में भी होता रहा है घपला
लाभार्थियों के राशन में बंदरबांट का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी जब पोषाहार का वितरण किया जाता था तो उस समय भी अनेक घपले सामने आए थे। यहां तक की पोषाहार को वितरण करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ता इसे अपने पशुओं तक को खिला देती थी। ऐसी शिकायतों को देखते हुए शासन ने अब राशन के वितरण की शुरुआत की थी, लेकिन अब इसमें भी घपला शुरू हो गया है।
पूरा मामला संज्ञान में है और पहासू क्षेत्र से संबंधित है। इसकी जांच चल रही है और महिला समूह संचालित करने वाले विभाग के जिला प्रबंधक से भी इस मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। किसी को भी लाभार्थियों के राशन में गड़बड़ी नहीं करने दी जाएगी।
हरिओम वाजपेयी, बाल एवं पुष्टाहार अधिकारी बुलंदशहर।
ऑडियो वायरल होने का मामला संज्ञान में आते ही जांच बैठा दी गई है। यह गंभीर मामला है और इसमें जो भी शामिल है। उन पर कार्रवाई निश्चित होगी। इसके लिए विभागीय अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है। लाभार्थियों के राशन का घपला करने वाले किसी को भी नहीं बख्शा जाएगा।
- अभिषेक पांडेय, मुख्य विकास अधिकारी।