शाहरुख हत्याकांड : हत्यारोपी दोषी करार, आजीवन कारावास
बुलंदशहर। जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश ने अवैध संबंधों के शक में युवक की चाकू से गोदकर हत्या कर शव काली नदी में फेंकने के मामले में आरोपी इमरान को दोषी करार दिया है। साथ ही उसे उम्रकैद की सजा और दस हजार रुपये अर्थदंड सुनाया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राहुल उपाध्याय और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजीव मलिक ने बताया कि 16 अगस्त 2014 को कोतवाली नगर में मृतक की बहन नगमा उर्फ नग्गो ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें उसने बताया था कि 15 अगस्त 2014 की रात को मोहल्ला सरायधारी निवासी इमरान समेत दो युवक उसके घर पर आए और उसके भाई शाहरुख को बहाने से बुलाकर अपने साथ ले गए। अगले दिन सुबह उन्हें पता चला कि शाहरुख की आरोपियों ने चाकू से गोदकर हत्या कर शव को काली नदी बांध के पास फेंक दिया है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया। मामला विचारण के लिए जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश के समक्ष आया। वाद-विचारण के दौरान एक आरोपी को बाल अपचारी पाया गया, जिसके चलते उसकी पत्रावली अलग कर दी गई। जिला न्यायाधीश अधिवक्ताओं की दलीलों को सुनने के बाद दूसरे आरोपी इमरान को दोषी पाया। न्यायाधीश ने इमरान को उम्रकैद और दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। बाल अपचारी का मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है।