बुलंदशहर। प्रदेश सरकार द्वारा कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से बजट में भारी-भरकम आवंटन किया गया है। इसी के चलते बुलंदशहर पुलिस ढांचे को भी लंबे समय से सुधार की दरकार थी, जिसको अब लेकर आस जगी है।
जिले में वर्तमान में लगभग 3000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात हैं, लेकिन विडंबना यह है कि केवल 1200 पुलिसकर्मियों को ही सरकारी आवास की सुविधा मिल पा रही है। शेष पुलिसकर्मी किराए के मकानों या असुविधाजनक परिस्थितियों में रहने को मजबूर हैं। बजट में आवासीय भवनों के लिए किए गए प्रावधान से बुलंदशहर पुलिस लाइन और दूरदराज के थानों में आधुनिक बैरक और हॉस्टल निर्माण का रास्ता साफ होगा।
स्याना, डिबाई और जहांगीराबाद जैसे क्षेत्रों में पुलिस इंफ्रास्ट्रक्चर लंबे समय से उपेक्षित है। कई पुराने थानों की इमारतें जर्जर हो चुकी हैं। बजट से इन थानों को हाईटेक बनाने, नए विवेचना कक्षों के निर्माण और बुनियादी सुविधाओं में सुधार की उम्मीद जागी है।
मिशन शक्ति को मिल सकेगी स्कूटी की रफ्तार
महिला सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए संचालित ''मिशन शक्ति'' को इस बजट से नई ऊर्जा मिलेगी। जिले में करीब 400 से अधिक महिला सिपाही तैनात हैं, लेकिन उनके पास फील्ड में गश्त के लिए मात्र 20 फैंटम स्कूटी उपलब्ध हैं। प्रदेश भर में मिशन शक्ति के लिए प्रस्तावित 25 करोड़ के कोष से बुलंदशहर को नई स्कूटी मिलने की प्रबल संभावना है। दोपहिया वाहन मिलने से महिला बीट अधिकारियों की पहुंच गांवों और कस्बों की तंग गलियों तक आसान होगी, जिससे ''पिंक पेट्रोलिंग'' प्रभावी बनेगी और रिस्पॉन्स टाइम में कमी आएगी।