फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bulandshahr News: शिकारपुर में निकला जुलूस-ए-अमारी, शबीहे अलम के साथ गमगीन माहौल में उमड़े अजादारे हुसैन

Wed, 20 Aug 2025 05:26 PM IST
आकाश दुबे न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बुलंदशहर

सार

शिकारपुर में हर साल की तरह इस साल भी शिया समुदाय द्वारा परंपरागत जुलूस-ए-अमारी का आयोजन किया गया। जुलूस में बढ़ चढ़कर अकीदतमंदों ने हिस्सा लिया और इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों को पुरसा दिया।  
विज्ञापन
शिकारपुर में निकला जुलूस अमारी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बुलंदशहर जिले की शिकारपुर तहसील में बुधवार 20 अगस्त को परंपरागत जुलूस-ए-अमारी का आयोजन किया गया। यह जुलूस वर्ष 1984 से लगातार आयोजित हो रहा है और हर साल की तरह इस बार भी अकीदतमंदों की भारी भीड़ उमड़ी। इस जुलूस की शुरुआत हकीम अली शाह के आवास से शुरू हुई कर्बला पर जाकर खत्म होगी।
विज्ञापन


करीब दोपहर 1 बजे शुरू हुआ यह जुलूस कस्बे के हर इलाकों से गुजरता हुआ  शाम 7 बजे कर्बला में जाकर खत्म होगा। इस दौरान कस्बे की मशहूर अंजुमन-ए-अकबरी की अगुवाई में पुरदर्द नौहे पढ़े गए। शिकारपुर के तमाम नौहेख्वानों ने मंच संभाला और गम-ओ-अहद का माहौल बना दिया। नौहों की दर्दभरी सदा से पूरा कस्बा मातमी रंग में डूब गया।

वहीं, इस जुलूस की रौनक बढ़ाते हुए अलम-ए-मौला अब्बास भी निकाला गया, जिस पर अजादारों ने गहरा इजहार-ए-अकीदत किया। जगह-जगह सबील का आयोजन हुआ, जहां अजादारों को शर्बत और पानी पिलाया गया।
विज्ञापन



वहीं, महिलाओं और बच्चों की भी भारी तादाद इस मातमी जुलूस में रही। गम और शोक का आलम ऐसा रहा कि नौहों की पुरदर्द आवा से अजादारों की आंखें नम हो उठीं। इसी दौरान यह भी कहा गया कि आज के दिन रोज-ए-रसूल सजता है लोगों के साथ जुलूस भी उसका तवाफ करते हैं। 

पढ़ें: Bulandshahar News: नौ हजार उपभोक्ताओं को अघोषित विद्युत कटौती, लो वोल्टेज से मिलेगी राहत
विज्ञापन


कस्बे के जिम्मेदार लोग रहे मौजूद
इस जुलूस के संरक्षक मुमताज हैदर और इकबाल हैदर रहे, जबकि सदारत मोहम्मद अब्बास एवं तालिब हुसैन ने की। पूरे कस्बे में जुलूस के दौरान अकीदतमंदों का हुजूम उमड़ पड़ा और मातमी माहौल देर शाम तक कायम रहा।

सुरक्षा की रही चाक चौबंद व्यवस्था
सुरक्षा की दृष्टि से स्थानीय प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए थे। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार निगरानी में जुटे रहे, जिससे जुलूस शांति और अनुशासन के साथ सम्पन्न हुआ।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें