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कई माह से ईलना में छिपा था नोएडा-मुंबई पुलिस का वांटेड सुनील

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कई माह से ईलना में छिपा था नोएडा-मुंबई पुलिस का वांटेड सुनील
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औरंगाबाद। मुंबई और नोएडा पुलिस का वांटेड अपराधी सुनील आहूजा कई माह से औरंगाबाद पुलिस की नाक के नीचे छिपा था। बताया जा रहा है कि दो माह पहले नोएडा पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने का प्रयास किया था, लेकिन एक गैर जनपद के पुलिस अधिकारी के फोन आने के चलते पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया था। इससे पुलिस की कार्यशैली को लेकर सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि आरोपी सुनील आहूजा का अपने ममेरे भाई व दिल्ली पुलिस के बर्खास्त एसीपी से 200 करोड़ की संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा है। जिसमें आरोपी के खिलाफ दिल्ली और नोएडा में करीब सात मुकदमे भी दर्ज हैं।
दिल्ली पुलिस के बर्खास्त एसीपी विपिन कुमार काफी समय से प्रॉपर्टी की खरीद फरोख्त करता था, लेकिन सरकारी नौकरी में होने के चलते विपिन के काम की देखभाल सुनील आहूजा करता था। बताया जा रहा है कि 2012 में विपिन के घर व कार्यालय पर सीबीआइ ने छापेमारी की और विपिन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जिसके चलते विपिन को पुलिस की नौकरी से भी बर्खास्त कर दिया था। जिसके चलते अब विपिन के काम को संभालने के लिए सुनील आहूजा ही बचा था। करीब एक साल पहले विपिन जब जेल से बाहर आया तो उसने सुनील आहूजा से अपनी संपत्ति और कार्यों का हिसाब मांगा, लेकिन सुनील ने उसे हिसाब देने से इनकार कर दिया। दुबई में दो फ्लैट के अलावा दिल्ली, नोएडा, उत्तराखंड समेत अन्य शहरों में स्थित करीब 200 करोड़ की संपत्ति के लिए विपिन ने सुनील आहूजा के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की। आरोपी के खिलाफ कई मुकदमे भी दर्ज कराए तो इसकी भनक लगते ही सुनील ने अपनी पत्नी बेटी और बेटा का फर्जी पासपोर्ट तैयार कराया। उसकी पत्नी व बेटी तो दुबई पहुंच गई, लेकिन बेटा फिलहाल नोएडा जेल में है। वह खुद भी फर्जी पासपोर्ट के सहारे भागने की फिराक में था। इसके लिए योजना के तहत आरोपी पहले पुलिस से छिपकर मुंबई पहुंचा और वहीं के पते पर पासपोर्ट तैयार कराया। जब विपिन को इसकी जानकारी हुई तो वह नोएडा पुलिस को लेकर मुंबई पहुंचा और मकान मालिक को इस प्रकरण से अवगत कराया था। जिसके बाद मकान मालिक ने सुनील आहूजा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें कोर्ट ने आरोपी के खिलाफ वारंट जारी किए थे।
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दो माह पहले नोएडा पुलिस के साथ आया था विपिन
करीब दो माह पहले नोएडा पुलिस के साथ दिल्ली पुलिस का बर्खास्त एसीपी विपिन भी गांव ईलना में आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए पहुंचा था। जहां पर दोनों के बीच विवाद के बाद फायरिंग भी हुई थी। वहीं, इस बार विपिन ने अपने कुछ गुर्गों को मुंबई पुलिस के साथ भेजा था, ताकि सुनील को उठाकर वह संपत्ति वापस लेने के लिए दबाव बना सकें। इस प्रकरण में औरंगाबाद पुलिस ने प्रकरण में कोई कार्रवाई करने का ही प्रयास नहीं किया था। बताया जा रहा है कि गोरखपुर में तैनात पुलिस विभाग के एक बड़े अधिकारी ने जिले के एक पुलिस अधिकारी को फोन कर कार्रवाई न करने की बात कही थी।
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नोएडा निवासी नन्हे के फार्म हाउस पर छिपा था सुनील आहूजा
नोएडा के गांव ममूरा निवासी नन्हे ने ईलना गांव में एक फार्म हाउस बनाया था। नन्हे और सुनील आहूजा की दोस्ती थी, जिसके चलते सुनील ने उससे पुलिस से बचने का तरीका पूछा। जिसके बाद नन्हे ने सुनील को अपने फार्म हाउस पर ठहरने के लिए भेज दिया था। बताया जा रहा है कि नन्हे ने ही ग्राम प्रधान योगेंद्र और सुनील आहूजा की मुलाकात कराई थी।
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