गर्मी से हुई थी जाल में फंसे तेंदुए की मौत
बुलंदशहर। शिकारपुर क्षेत्र से जंगलों में जाल में फंसने के बाद मृत हुए तेंदुए का पोस्टमार्टम शनिवार को पलड़ा नर्सरी पर कराया गया। पशु चिकित्सकों और वन विभाग की टीम की निगरानी में पोस्टमार्टम हुआ। भूख प्यास व हीट स्ट्रोक यानी गर्मी से तेंदुए की मौत हुई है। लंबे समय तक तेंदुआ जाल में फंसा भूखा-प्यासा हीट स्ट्रोक का शिकार हो गया था। पोस्टमार्टम के बाद तेंदुए का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। समय पर यदि तेंदुआ को जाल से निकाल लिया जाता तो उसकी जान बच जाती।
गांव देवराला में जंगली जानवर को पकड़ने लिए ग्रामीणों द्वारा लगाए जाल में शुक्रवार को तेंदुआ फंस गया था। सुबह 11 बजे यह तेंदुआ जाल में आया था। वन विभाग के अफसर मौके पर देरी से पहुंचे थे। मेरठ में टीम को सूचना दी तो वह 4:30 बजे के बाद देवराला पहुंची, लेकिन जब तक तेंदुआ मर चुका था। शनिवार को पलड़ा नर्सरी पर तीन पशु चिकित्सक और डीएफओ की निगरानी में तेंदुआ का पोस्टमार्टम कराया गया। इनमें मेरठ से आए चिकित्सक डॉ. आरके सिंह के अलावा जिले से पशु चिकित्सक डॉ. तरुण और डॉ. दिनेश शामिल रहे। करीब एक घंटे तक तेंदुए का पोस्टमार्टम चला। डीएफओ ने बताया कि तेंदुए की मौत हीट स्ट्रोक के कारण हुई है। यानि अत्यधिक गर्मी से तेंदुआ मरा है इसके अलावा वह भूखा प्यासा भी था। उन्होंने बताया कि तेंदुए की गर्दन जाल में फंसी थी, वह लगातार निकलने का प्रयास कर रहा था। तेंदुआ की गर्दन पर भी कुछ जाल की रस्सी के निशान मिले हैं, जैसे उसने जाल से निकलना चाहा तो रस्सी से भी उसका दम घुटा है। बताया गया कि पोस्टमार्टम के बाद तेंदुआ का अंतिम संस्कार कर दिया है। तेंदुआ की मौत की वर्ल्ड वाइल्ड को भी रिपोर्ट भेज दी गई है।
छह घंटे तक जाल में फंसा रहा था तेंदुआ
ग्रामीणों के अनुसार, तेंदुआ जाल में 11 बजे देखा गया था और इसके बाद वन विभाग के अफसरों को सूचना दी गई थी। इसके बाद डीएफओ मौके पर पहुंची और मेरठ टीम को बताया गया। शाम पांच बजे टीम पहुंची तो जब तक तेंदुआ शांत हो गया था। छह घंटे तक तेंदुआ धूप में जाल से निकलने का प्रयास करता रहा। जब टीम जाल के पास पहुंची तो जब तक वह मर चुका था। यदि समय रहते तेंदुए को निकाल लिया जाता तो वह बच जाता। डीएफओ ने बताया कि तेंदुआ को बचाने के लिए पूरे प्रयास किए गए थे। वहीं, दूसरी ओर जिला पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल कुमार सिंह का कहना है कि तेंदुआ कई घंटे तक जाल में फंसा रहा। उसे देखने के लिए लोग भी एकत्रित हुए। जिस तरह से आदमी ऐसे जानवरों से डरता है। उसी तरह वह भी अपने को बचाने का प्रयास करते हैं। तेंदुआ की मौत गर्मी और काफी समय तक फंसे रहने से ही हुई है।
डीएफओ विनीता सिंह ने बताया कि मृत तेंदुए का पोस्टमार्टम कराया गया है। हीट स्ट्रोक से तेंदुए की मौत हुई है। तेंदुआ का पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। विभाग के उच्चाधिकारियों को भी रिपोर्ट भेज दी गई है। तेंदुआ को बचाने का पूरा प्रयास किया गया था।
तेंदुए की मौत के मामले में चार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
शिकारपुर। क्षेत्र के गांव देवराला में जाल में फंसने के बाद तेंदुआ की मौत होने पर वन विभाग की ओर से जाल लगाने वाले दो नामजद समेत चार लोगों के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। शुक्रवार को कोतवाली क्षेत्र के गांव देवराला निवासी वेद प्रकाश गिरी के गन्ने के खेत में सूअर पकड़ने के जाल में एक तेंदुआ फंस गया था। वन विभाग की अरनिया रेंज के वन रक्षक राजकुमार, वन दरोगा प्रमोद कुमार तथा वनरक्षक सत्येंद्र कुमार की ओर से जाल लगाने वालों की गोपनीय जानकारी लेने के बाद कोतवाली शिकारपुर में कलाखुरी निवासी सोनी तथा रामनगर निवासी रायसाहब और दो अज्ञात के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 9, 50 व 51 के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।