न्यायालय ने डीआईओएस को किया तलब
बुलंदशहर। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम बुलंदशहर ने जिला विद्यालय निरीक्षक शिव कुमार ओझा को आगामी दो मई को न्यायालय में तलब किया है। बताया गया कि गत 12 अप्रैल 2022 को न्यायालय ने एक विचाराधीन मामले में उन्हें फर्जी शैक्षणिक रिकॉर्ड की सत्यता की जांच करने व फर्जी शैक्षणिक रिकॉर्ड बनाने वाले विद्यालय व उसके प्राचार्य के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए थे। लेकिन , डीआईओएस के लापरवाही बरतने पर अदालत ने उन्हें दो मई को अदालत में तलब किया है। अदालत में पॉक्सो अधिनियम से संबंधित एक मामला विचाराधीन है। जिसमें पीड़िता को नाबालिग बताया गया था और इस संबंध में पीड़िता का हसनगढ़ स्तिथ स्कूल का शैक्षणिक रिकॉर्ड दाखिल किया था। जिसमें उसने उसको 2015 से 2018 तक इस स्कूल में अध्ययनरत रहना बताया था और जन्म तिथि 22 मार्च 2005 दर्शाई थी । आरोपी पक्ष ने भी पीड़िता के शैक्षणिक रिकॉर्ड अदालत में दाखिल किया , जिसमें वह वर्ष 2016 से 2021 तक करौला स्थित एक इंटर कॉलेज में अध्ययनरत थी, जहां उसकी जन्मतिथि 5 अगस्त 2003 अंकित है। इस संबंध में अदालत ने पुलिस ने जांच कराई तो थाना प्रभारी अरनिया ने अदालत में अपनी जांच आख्या पेश की। जिसके अनुसार पीड़िता की वास्तविक जन्मतिथि 5 अगस्त 2003 ही है और जो शैक्षणिक रिकॉर्ड जिसमें जन्मतिथि 22 मार्च 2005 दर्शाई गई है वह फर्जी पाए हैं, जबकि, उक्त फर्जी शैक्षणिक रिकॉर्ड को निर्गत करने वाले प्राचार्य ने अदालत में उपस्थित होकर रिकॉर्ड को सही बताया था । जिसके विरुद्ध कार्रवाई के लिए अदालत ने 12 अप्रैल को जिला विद्यालय निरीक्षक को पत्र भेजा था । जिला विद्यालय निरीक्षक ने कोई कार्रवाई नहीं की । जिसके बाद अदालत ने बीएसए को दो मई को तलब किया है ।