वन राज्यमंत्री पर जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार कराने का मामला कोर्ट में दर्ज
बुलंदशहर। प्रदेश के वन राज्यमंत्री व शिकारपुर विधायक अनिल शर्मा के खिलाफ करोड़ों की जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार करने का मामला (परिवाद) दर्ज कराया गया है। एमपी एमएलए विशेष कोर्ट ने मंत्री को दस नवंबर को पेश होने का आदेश दिया है। एक फर्म की ओर से धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप में दर्ज कराए गए केस में आरोप है कि मंत्री ने उनकी जमीन पर कब्जा करने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार कराए। इसके बाद इस पर अपना दावा जताते हुए डीएम और मंडलायुक्त को पत्र भेजा है।
परिवाद फर्म वैष्णों इंफ्राहोम्स प्राइवेट लिमिटेड की ओर से दर्ज कराया गया है । फर्म के निदेशक पंकज अग्रवाल ने बताया कि बुलंदशहर में कब्रिस्तान के सामने डीएम रोड पर करोड़ों की संपत्ति पर काफी समय से विवाद चल रहा है। संपत्ति के मालिकों ने उनकी फर्म के तीन निदेशकों के नाम बैनामा किया था। आरोप है कि मंत्री ने पुराने बैनामे की आड़ में यह खेल किया है। दरअसल, संपत्ति में से 980 वर्ग गज मंत्री की परदादी स्वर्गीय पानो देवी के नाम से खरीदी गई थी। इसे बाद में बेच दिया गया। इसके बैनामे में अनिल शर्मा गवाह थे। पंकज का आरोप है कि मंत्री एवं शिकारपुर से भाजपा विधायक अनिल शर्मा ने संपत्ति में से 2405.59 वर्ग गज जमीन खुद की बताकर प्रशासन को पत्र लिखा है। इसी जमीन के फर्जी कागजात तैयार किए गए हैं।
कोर्ट में रखेंगे पक्ष
यह जमीन हमारी परदादी के नाम पर अभिलेखों में दर्ज है। प्रकरण में डीएम के माध्यम से जांच पूर्व में कराई जा चुकी है। परिवादी पक्ष के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज है। कोर्ट में हम अपना पक्ष रखेंगे। -अनिल शर्मा, वन, पर्यावरण व जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री