जमीन के लालच में भाई, भाभी और भतीजे ने की थी संजय की हत्या
बुलंदशहर। गांव कुड़वल बनारस में हुए संजय हत्याकांड का राजफाश पुलिस ने कर दिया है। लाखों रुपये की जमीन के खातिर संजय को उसके भाई, भाभी और भतीजे ने ही मौत की नींद सुला दिया। साथ ही आरोपियों ने शव को ज्वार खेत में ले जाकर शिनाख्त मिटाने की कोशिश करते हुए पेट्रोल छिड़क कर जला दिया था। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव कुड़वल बनारस निवासी संजय (35) पुत्र बुद्धपाल मानसिक रूप से दिव्यांग और अविवाहित था। गत 14 जुलाई को संजय का शव गांव के एक खेत में अधजली हालत में बरामद हुआ था। परिजनों का कहना था कि 13 जुलाई से संजय लापता चल रहा था। पुलिस की जांच में भाई लख्मीचंद, भाभी आशा और भतीजा सौरभपाल की भूमिका संदिग्ध पाई गई। पुलिस द्वारा तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की गई तो उन्होंने संजय की हत्या करना स्वीकार कर लिया। आरोपियों ने बताया कि संजय के नाम पर हाईवे से सटी हुई करीब दो बीघा जमीन थी, जिसकी कीमत लाखों रुपये है। लॉकडाउन के दौरान आर्थिक स्थिति खराब होने के चलते उनके द्वारा संजय पर अपने हिस्से की जमीन बेचने के लिए दबाव बनाया गया, लेकिन वह उसके लिए तैयार नहीं था। इसको लेकर 11 जुलाई को आरोपियों की संजय से कहासुनी हुई, जिसके बाद आरोपियों ने बोरी से उसका मुंह दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को ज्वार के खेत में ले जाकर पेट्रोल डालकर जला दिया, जिससे कि शव की शिनाख्त न हो सके।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आरोपियों के बयान ने पैदा किया शक
देहात कोतवाली प्रभारी अरुणा राय ने बताया कि मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का समय करीब तीन से चार दिन पुराना था। उसका शव 14 जुलाई को मिला था, जबकि परिजनों का कहना था कि वह 13 जुलाई से लापता था। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने उसकी 11 जुलाई को ही घर पर जमीन को लेकर हुए झगड़े के बाद हत्या कर दी थी।
एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि संजय को उसके भाई, भाभी और भतीजे ने जमीन के लालच में मार डाला था। साथ ही साक्ष्य मिटाने के लिए उसका शव जला दिया था। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उन्हें जेल भेज दिया गया है।