भाजपा की डॉ अंतुल तेवतिया को मिली जिला पंचायत की कमान
बुलंदशहर। जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव को लेकर चल रही उठा पटक शनिवार को ही समाप्त हो गई। विपक्ष में किसी प्रत्याशी द्वारा नामांकन न किए जाने के कारण भाजपा प्रत्याशी डॉ. अंतुल तेवतिया निर्विरोध जिपं अध्यक्ष बन गईं। हालांकि, अभी डॉ. अंतुल को जीत का प्रमाणपत्र जारी नहीं किया गया है। विपक्ष ने आरोप लगाया है कि पुलिस और प्रशासन ने मनमानी करते हुए विपक्षी प्रत्याशी को नामांकन नहीं करने दिया।
शनिवार सुबह 11 बजे से दोपहर तीन बजे तक जिपं अध्यक्ष पद के लिए नामांकन हुआ। भाजपा प्रत्याशी के तौर पर डॉ. अंतुल तेवतिया ने दोपहर करीब 12 बजे नामांकन दाखिल किया। चर्चा थी कि भाजपा प्रत्याशी डॉ. अंतुल तेवतिया के सामने विपक्ष में पूर्व जिपं अध्यक्ष आशा यादव नामांकन दाखिल करेंगी। दिन भर तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म रहा और दोपहर तीन बजे तक कोई भी विपक्षी प्रत्याशी नामांकन करने नहीं पहुंचा, जिसके चलते डॉ. अंतुल तेवतिया को निर्विरोध जिपं अध्यक्ष चुन लिया गया।
समर्थकों के साथ कलक्ट्रेट के सामने डटे थे राज्यमंत्री
राज्यमंत्री अनिल शर्मा समर्थकों के साथ कलक्ट्रेट गेट के सामने ही डटे रहे तथा नामांकन की पल-पल की जानकारी लेते रहे। भाजपा प्रत्याशी के नामांकन से पहले एक होटल में रणनीति बनाई गई। इस दौरान डॉ. अंतुल ने दावा किया कि चुनाव जीतना उद्देश्य नहीं है, बल्कि सरकार की योजनाओं का लाभ प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचे, इसका पूरा प्रयास होगा। सरकार और जनता के बीच की कड़ी बनकर गांवों में विकास को बढ़ाकर जिले को उन्नति के रास्ते पर अग्रसर करना है। नामांकन के बाद उन्होंने कहा कि वह जीत के प्रति आश्वस्त हैं और जिले की जनता के प्यार को विकास के माध्यम से लौटाने का प्रयास करेंगी।
कोविड नियमों के पालन की अफसरों को नहीं आई याद
कलक्ट्रेट गेट के बाहर बड़ी संख्या में भाजपा प्रत्याशी के समर्थकों की भीड़ रही। इस दौरान लोगों ने न तो मास्क लगाया हुआ था और न ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया गया। अफसरों व 20 से अधिक पुलिसकर्मियों के समक्ष कोविड गाइडलाइन का खुलेआम उल्लंघन किया गया, लेकिन अफसरों ने कार्रवाई करना तो दूर लोगों को नियमों का पालन कराना भी मुनासिब नहीं समझा।
डीएम-एसएसपी ने लिया सुरक्षा का जायजा
नामांकन के दौरान कलक्ट्रेट पर पर्याप्त सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे। इस दौरान डीएम व एसएसपी ने कलक्ट्रेट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। साथ ही किसी भी व्यक्ति को बिना आई कार्ड कलक्ट्रेट परिसर में प्रवेश न कराने के आदेश दिए।
भाजपा कार्यालय पर डॉ. अंतुल का किया गया स्वागत
निर्विरोध जिपं अध्यक्ष चुने जाने के बाद डॉ. अंतुल तेवतिया का भाजपा कार्यालय पर स्वागत किया गया। इस दौरान प्रदेश प्रवक्ता चंद्रमोहन शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष अनिल सिसौदिया, भाजपा नेता शरद त्रिवेदी समेत अन्य ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस मौके पर प्रदेश मंत्री डॉ. चंद्रमोहन शर्मा ने डॉ. अंतुल को बधाई देते हुए जिले में विकास करने का आह्वान किया। जिससे प्रदेश में दोबारा से भाजपा सरकार बन सके। डॉ. अंतुल ने आश्वासन दिया कि वह पार्टी की उम्मीदों पर पूरी तरह से खरा उतरने का प्रयास करेंगी।
सिटी मजिस्ट्रेट व एआरओ जगदंबा सिंह ने बताया कि शनिवार को निर्धारित समयावधि में केवल भाजपा प्रत्याशी डॉ. अंतुल तेवतिया ने दो सेट में नामांकन दाखिल किया है। किसी अन्य प्रत्याशी के नामांकन न करने के कारण उन्हें निर्विरोध चुना गया है। जीत का प्रमाणपत्र देने के लिए अभी कोई आदेश नहीं है। जल्द ही प्रमाणपत्र दिया जाएगा।
विपक्षी बोले, सरकार ने घोट दिया लोकतंत्र का गला
बुलंदशहर। जिपं अध्यक्ष पद के लिए विपक्ष के प्रत्याशी का नामांकन न होने पर विपक्षी दलों के नेताओं ने सरकार पर हमला बोला है। कहा कि सरकार ने विपक्ष के प्रत्याशी को नामांकन करने से रोककर लोकतंत्र का गला घोट दिया। यह सरकार का तानाशाही रवैया है, जो अगले विधानसभा चुनाव में उन्हें मुंह की खाने पर मजबूर करेगा। इससे पहले पूर्व जिपं सदस्य सुनील चरौरा ने आरोप लगाया कि शनिवार सुबह जब वह अपने घर से निकले तो भूड़ चौराहे पर उन्हें व पूर्व जिपं सदस्य पिंटू प्रमुख को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इसके बाद उन्हें घंटों तक नोएडा व अन्य क्षेत्रों में घुमाया और बाद में दादरी के गेस्ट हाउस में नजरबंद रखा। शाम करीब पांच बजे दादरी गेस्ट हाउस से उन्हें छोड़ दिया गया। आरोप लगाया कि सत्ता के इशारे पर पुलिस ने यह इसलिए किया ताकि विपक्ष में कोई नामांकन न किया जा सके।
जिपं सदस्य ने राज्य निर्वाचन आयोग को भेजी शिकायत
जिपं सदस्य गीता चरौरा ने राज्य निर्वाचन आयोग को शिकायत फैक्स करने की बात कही है। उन्होंने बताया कि मेरे पति सुनील चरौरा के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा साजिशन कराया गया है। मुकदमे में मुझे भी आरोपी बनाया गया है। नामांकन से ठीक पहले दर्ज किया गया यह मुकदमा पूरी तरह से साजिशन है। यदि निर्वाचन आयोग ने मेरी शिकायत पर सुनवाई नहीं की तो मैं हाईकोर्ट के साथ सुप्रीम कोर्ट में भी न्याय की अपील करूंगी।
बोले विपक्षी नेता
सपा जिलाध्यक्ष राहुल यादव ने बताया कि सरकार ने लोकतंत्र का गला घोटकर अपना तानाशाही रवैया दिखाया है। अगले विधानसभा चुनाव में जनता इसका जवाब देगी। प्रदेश में सपा दोबारा से सरकार बनाएगी। जनता अखिलेश यादव की सरकार केकार्य और कानून को याद कर रही है।
बसपा जिलाध्यक्ष सतीश सागर ने बताया कि भाजपा को डर था कि यदि विपक्षी प्रत्याशी ने नामांकन कर दिया तो कुर्सी हाथ से चली जाएगी। पूर्ण बहुमत हमारे पास था। जिसके चलते भाजपा ने हमारे प्रत्याशी को नामांकन ही नहीं करने दिया। इसके खिलाफ जरूर आवाज उठाई जाएगी।
रालोद जिलाध्यक्ष अरुण चौधरी ने बताया कि सरकार पूरी तरह से हिटलर के नक्शे कदम पर चल रही है। यह विपक्ष की नहीं लोकतंत्र की हत्या है। पुलिस-प्रशासन को सरकार ने अपनी कठपुतली बनाया हुआ है। इसके खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा। किसी भी हाल में शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।