पकड़े गए रोहिंग्या को लेकर तस्दीक के लिए पहुंची एटीएस
खुर्जा। यूपी एटीएस की टीम ने खुफिया इनपुट के आधार पर शुक्रवार को कार्रवाई करते हुए खुर्जा क्षेत्र से दो रोहिंग्या (म्यामांर के नागरिक) पकड़े। मामला सामने आने पर स्थानीय अफसरों का कहना है कि एटीएस ने उन्हें दूसरे जनपद से पकड़ा है, उन आरोपियों के पूर्व में खुर्जा में रहने की जानकारी मिली थी। जिसे तस्दीक कराने के लिए एटीएस उन्हें अपने साथ यहां लेकर आई थी। खुर्जा का पॉटरी क्षेत्र रोहिंग्या और अंडरवर्ल्ड के नामी अपराधियों के लिए सेफ हाउस माना जाता है। पूर्व में अंडरवर्ल्ड अबू सलेम यहां पनाह ले चुका है।
लखनऊ से शुक्रवार को यूपी एटीएस की टीम खुर्जा पहुंची थी। बताया गया कि वहां से यह टीम दो रोहिंग्या को पकड़ कर अपने साथ ले गई। जिसकी जानकारी देर रात तक आला अफसरों तक को नहीं लग सकी थी। खुर्जा से दो रोहिंग्या पकड़े जाने की सूचना मिलते ही जनपद का खुफिया तंत्र भी एक्टिव हो गया था। लेकिन, शनिवार को जनपद के आला अफसरों ने जानकारी जुटाई तो सामने आया कि यूपी एटीएस दो रोहिंग्या को किसी अन्य जिले से पकड़ कर शुक्रवार को खुर्जा पहुंची थी। क्योंकि पूर्व में इन लोगों के खुर्जा क्षेत्र में रहने की जानकारी मिली थी। जिसे तस्दीक कराने के लिए एटीएस उन्हें अपने साथ यहां लेकर आई थी। यहीं नहीं, अब खुर्जा क्षेत्र में संदिग्धों पर नजर रखी जा रही है। साथ ही पल-पल की जानकारी खुफिया विभाग के द्वारा आला अफसरों को दी जा रही है।
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पूर्व में भी जनपद से पकड़ जा चुके हैं शातिर अपराधी
यह कोई पहला मामला नहीं है जब खुर्जा क्षेत्र से ऐसे लोगों को पकड़ा गया है जो राष्ट्र सुरक्षा को धता बता कर रह रहे थे या फिर आतंकी गतिविधियों में लिप्त रहे हैं। कुछ वर्ष पूर्व अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम ने भी खुर्जा के पॉलिटेकिभनक मैदान में पनाह ली थी। वह यहां फर्जी पासपोर्ट बनवा कर व अपनी शिनाख्त छिपा कर रहा था। इसके अलावा नगर के मोहल्ला तरीनान से करीब दो वर्ष पूर्व एक युवक को जासूसी के आरोप में संदिग्ध किताबें और नक्शे संग पकड़ा जा चुका है। मेरठ की पुलिस उसको दबोचकर ले गई थी। वहीं खुर्जा की बंद पड़ी पॉटरियों में तकरीबन दो साल पूर्व एक बंग्लादेशी दंपती भी पकड़ा गया था।
एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि एटीएस के द्वारा खुर्जा क्षेत्र से किसी को पकड़ा नहीं गया है। एटीएस की टीम पूर्व में यहां रह रहे दो लोगों को पकड़ कर यहां तस्दीक कराने के लिए लाई थी।