आयुष्मान योजना से जुड़े जनपद के 12 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र
बुलंदशहर। आयुष्मान योजना के लिए लाभार्थी को अब मुख्यालय तक की दौड़ नहीं लगानी होगी। जिले के 12 सीएचसी को आयुष्मान योजना से जोड़ दिया गया। अमर उजाला द्वारा सितंबर माह में कितनी सुधरी सेहत अभियान के तहत लाभार्थियों की समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। जिलाधिकारी ने संज्ञान में लेकर समस्त सीएचसी को योजना से सूचीबद्ध करने के स्वास्थ्य अफसरों को आदेश जारी किए थे।
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में अभी तक जनपद के पांच सरकारी चिकित्सालय जुड़े हुए थे। सरकारी चिकित्सालयों में बाबू बनारसी दास (जिला अस्पताल) चिकित्सालय बुलंदशहर, जिला महिला अस्पताल बुलंदशहर, राजकीय महिला चिकित्सालय खुर्जा, जटिया चिकित्सालय खुर्जा और सिंकदराबाद संयुक्त चिकित्सालय शामिल हैं। लेकिन जनपद का क्षेत्र बड़ा और आठ लाख से अधिक लाभार्थी होने पर पात्र लाभार्थियों को सुविधाओं के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा था। जिलाधिकारी ने संज्ञान लेते हुए जनपद के समस्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को योजना से सूचीबद्ध करने के आदेश जारी किए थे। निर्देश के बाद स्वास्थ्य अफसरों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को योजना से जोड़ने के लिए तैयारियां शुरू कर दी थी।
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अगौता को छोड़ अन्य सीएचसी पर शुरू हुई योजना
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्याना, बीबीनगर, जहांगीराबाद, शिकारपुर, पहासू, गुलावठी, लखावटी, मुनी, दानपुर, ऊंचागांव, डिबाई और अनूपशहर को जोड़ दिया गया है। वहीं, अगौता सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को भी योजना से जोड़ने के लिए स्वास्थ्य अफसरों द्वारा तैयारी की जा रही है।
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पात्र लाभार्थियों को शत प्रतिशत लाभ देने के लिए सभी सीएचसी को सूचीबद्ध करने के आदेश जारी किए गए थे। स्वास्थ्य अफसरों द्वारा सीएचसी को जोड़ दिया गया है।
- रविंद्र कुमार, जिलाधिकारी
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12 सीएचसी को आयुष्मान योजना से जोड़ दिया गया है। जहां मरीजों को योजना का लाभ मिलने लगेगा। योजना के जोड़ने के साथ-साथ केंद्रों पर सुविधाएं भी बढ़ा दी गई हैं।
- डॉ. केएन तिवारी, सीएमओ
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जिले को मिली 26 नई एंबुलेंस
बुलंदशहर। जिले के सरकारी चिकित्सालय आने वाली प्रसूताओं के लिए एक अच्छी खबर है। जर्जर हो चुकी एंबुलेंस को शासन द्वारा बदलवा दिया गया है। जिनके बदले में जिले को 26 नई 102 एंबुलेंस प्राप्त हो चुकी हैं।
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नई एंबुलेंस जिले को प्राप्त हो चुकी हैं। जिससे अब गर्भवती महिलाओं को अस्पताल लाने में आसानी होगी। नई एंबुलेंस आने से समय की बचत होने के साथ महिलाओं को समय पर उपचार मिल सकेगा।
- सचिन त्यागी, एंबुलेंस प्रोग्राम मैनेजर