पराली जलाने पर 16 किसानों के खिलाफ एफआईआर
बुलंदशहर। जनपद में पराली जलाकर प्रदूषण करने वाले किसानों पर बड़ी कार्रवाई की गई है। विभागीय अधिकारियों ने पराली जलाने वाले 16 किसानों पर एफआईआर दर्ज करवाई है। साथ ही सात किसानों पर 50 हजार का जुर्माना लगाकर 22,500 रुपये भी वसूल किए हैं। जिला प्रशासन की चेतावनी है कि जनपद में पराली जलाकर प्रदूषण नहीं होने दिया जाएगा।
एनजीटी का आदेश है कि पराली नहीं जलनी चाहिए। प्रदेश सरकार ने पहले ही किसानों को आदेश जारी कर दिए थे कि यदि किसी किसान ने पराली जलाई तो उस पर जुर्माना लगाने के साथ एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी। बावजूद इसके जनपद में किसानों ने धान की पराली को जलाकर जहां एनजीटी के आदेश का पालन नहीं किया। वहीं, दूसरी ओर शासन के आदेशों की भी परवाह नहीं की। इस पर जिला प्रशासन ने पराली जलाने वाले किसानों को चिन्हित कर लिया। साथ ही 16 किसानों पर एफआईआर दर्ज करवाई है। जबकि सात किसानों पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अफसरों ने बताया कि जुर्माने की राशि में से 22,500 की राशि किसानों से वसूल कर ली है। शेष राशि भी जल्द ही संबंधित किसानों से वसूल कर ली जाएगी। बताया गया कि पहले इन किसानों को तहसील से नोटिस जारी किया गया था। नोटिस का जवाब नहीं मिलने पर यह कार्रवाई की गई है। जिला प्रशासन की इस कार्रवाई से किसानों में हड़कंप है।
इन किसानों पर हुई एफआईआर
जिला प्रशासन ने खुर्जा क्षेत्र के गांव उस्मानपुर निवासी किसान संजू, ढकपुरा निवासी कृपाल, संतोष सिंह और राजेश, बाढ़ा निवासी विरनोद, बगराई निवासी रहीश एवं खलसिया निवासी चंद्रपाल पर एफआईआर दर्ज करवाई है। इसी तरह स्याना क्षेत्र के गांव बुगरासी निवासी किसान पप्पू और कस्बा स्याना निवासी केसर अली, बुलंदशहर क्षेत्र के गांव अल्लीपुर गिझोरी निवासी डॉ. सुधीर कुमार, मुरसाना निवासी लटूर सिंह, दरियापुर निवासी बदरु ज्जमा और मयूर खां, जुलेपुरा निवासी मोहम्मद हनीफ और सिकंदराबाद क्षेत्र के गांव शाहपुर कलां निवासी किसान प्रीतम सिंह पर भी एफआईआर दर्ज करवाई गई है।
कोट
पराली जलाने वाले 16 किसानों पर एफआईआर और सात किसानों पर जुर्माना लगाया गया है। विभाग की ओर से जनपद में उन किसानों को चिन्हित किया जा रहा है जो धान की पराली को आग लगाने से बाज नहीं आ रहे हैं। ऐसे किसानों सूची बनाकर जल्द आगामी कार्रवाई जाएगी। - आरपी चौधरी, उप कृषि निदेशक, बुलंदशहर।