बांस की बल्लियां लगाकर गंगा की धारा को मोड़ने में जुटे ग्रामीण
बुलंदशहर/नरौरा/अनूपशहर। उफनती गंगा नदी में तेज बहाव के कारण राजघाट में गंगा के किनारों पर हो रहे भारी कटान को रोकने की दिशा में डीएम के निर्देश के बाद बेम्बू क्रेट स्टड लगाकर नदी की धारा को मोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही कटान पर बालू के बोरे डालने का कार्य जोरों पर चल रहा है।
पहाड़ी इलाकों में तेज बरसात के कारण मैदानी क्षेत्रों में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ा रहा है। इसका असर जनपद में भी देखने को मिल रहा है। नरौरा में गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिसके कारण राजघाट में कई स्थानोें पर कटान हो गया है। कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए और एक आश्रम का काफी बड़ा हिस्सा बह गया। बता दें कि रविवार को डीएम रविंद्र कुमार ने अधिकारियों के साथ राजघाट में कटान स्थल का दौरा किया। वहां उन्होंने कटान को रोकने के लिए बेम्बू क्रेट लगाकर धारा को मोड़ने का और जहां कटान हो गया है वहां तुरंत बालू की बोरियां डालकर पानी को गांव में जाने से रोकने का आदेश दिया था। जिसके फलस्वरूप वहां काम युद्ध स्तर पर होने लगा। एडीएम वित्त एवं राजस्व मनोज कुमार सिंघल ने बताया कि ड्रेनेज खंड प्रथम मेरठ के अभियंता की टीम राजघाट में कटान कर रही नदी की धारा को मोड़ने व कटान रोकने के लिए बेम्बू क्रेट स्टड लगाने का कार्य तेज गति से कर रही है। एसडीएम डिबाई संजय कुमार सिंह को राजघाट में कटान रोकने की दिशा में चल रहे कार्य का मौके पर पहुंच कर निरीक्षण करने को कहा है।
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गंगा से सटे जनपदों के जिला प्रशासन को दी सूचना
नरौरा। नरौरा बैराज से नदी की डाउन स्ट्रीम में ढाई लाख क्यूसेक पानी की निकासी होने पर जलस्तर खतरे के निशान पर पहुंच जाता है। हरिद्वार बैराज से नदी में भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने की सूचना मिलने के बाद सिंचाई विभाग द्वारा गंगा नदी से सटे जनपद बुलंदशहर, अलीगढ़, संभल, बदायूं व कासगंज आदि के जिला प्रशासनों को इसकी जानकारी दे दी है। साथ ही तटबंध आदि की निगरानी प्रारंभ कर दी गई है।
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सवा तीन लाख क्यूसेक पानी बढ़ने से बन जाएंगे बाढ़ जैसे हालात
अनूपशहर। सोमवार को हरिद्वार से 3.40 लाख क्यूसेक पानी छोड़ने की वजह से बाढ़ के हालात पैदा हो सकते हैं। अनूपशहर क्षेत्र में मंगलवार रात पानी पहुंचने की संभावना है। 2010 में करीब छह लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया जो इस पिछले सौ साल की सबसे बडी बाढ़ थी। जिसमें अनूपशहर गंगा के उत्तरी किनारे पर बसे संभल जिले के दर्जनों गांव जलमगभन हो गये और लोगों को गांव से पलायन करने पर मजबूर होना पड़ा था। सहायक अभियंता ड्रेनेज मेरठ नवरत्नसिंह ने बताया कि अब तक करीब अस्सी-नब्बे हजार क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही थी जो अब 3.40 लाख क्यूसेक हो जायेगी। गंगा किनारे रहने वाले व दुकान लगाने वालों लोगों को जागरू क करते हुए कहा कि वह किनारे से दूर हट जायें। जिससे किसी प्रकार के नुकसान से बचा जा सके। तहसील प्रशासन ने भी बाढ़ की आशंका के मद्देनजर अलर्ट जारी किया है।