हत्यारोपी पति को आजीवन कारावास
बुलंदशहर। अगौता थाना क्षेत्र में दिसंबर 2015 में विवाहिता की जलाकर हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीसी तृतीय राजेश कुमार पाराशर ने आरोपी पति को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास व दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी धर्मेंद्र कुमार राघव व वीरपाल सिंह ने बताया कि वादी अमित कुमार ने 30 दिसंबर 2015 को अगौता थाने में तहरीर देकर बताया था कि उसकी बहन प्रीति की शादी फरवरी 2009 में संजय पुत्र राजेंद्र फौजी निवासी मालागढ़ के साथ हुई थी। लेकिन, आरोपी ससुरालीजन शादी में मिले दान दहेज से खुश नहीं थे। वह अतिरिक्त दहेज के रूप में पांच लाख रुपये नकदी की मांग कर रहे थे। मांग पूरी न होने पर उसकी बहन का उत्पीड़न किया जा रहा था। काफी समझाने बुझाने के बाद भी आरोपी अपनी मांगो पर डटे हुए थे। आरोप है कि 30 दिसंबर 2015 को आरोपी ससुरालीजनों ने प्रीति के साथ अतिरिक्त दहेज की मांग पूरी न होने पर मारपीट की और फिर मिट्टी का तेल उड़ेल कर आग लगा दी थी। उपचार के दौरान प्रीति की सात जनवरी 2016 को दिल्ली के एक अस्पताल में मौत हो गई थी। पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी पति के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में पेश कर दी थी। वहीं, अब न्यायाधीश ने आरोपी को दोषी मानते हुए उसे आजीवन कारावास व दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।