निर्धारित स्थान पर भी नहीं जल रहे अलाव, लोग परेशान
बुलंदशहर। नगर पालिका और नगर पंचायतों के अधिकारी अलाव जलाने के भले ही दावे कर रहे हों, लेकिन जमीनी हकीकत बिलकुल अलग है। शुक्रवार रात जिलेभर में अलाव की स्थिति जानने के लिए टीम ने विभिन्न स्थानों पर अलाव जलने का जायजा लिया तो प्रशासन और पालिका अधिकारियों की सच्चाई सामने आई। कहीं निर्धारित स्थानों पर अलाव ही नहीं जल रहे थे तो कहीं 10 बजे से पहले ही अलाव बंद हो गए। कहीं बहुत कम लकड़ी मिलीं। औरंगाबाद, स्याना समेत अन्य क्षेत्रों में निर्धारित स्थानों पर ही अलाव न जलने के कारण सर्दी में ठिठुरते हुए लोगों को रात बितानी पड़ रही है।
जिले की नौ नगर पालिका और आठ नगर पंचायतों के क्षेत्र में लोगों को सर्दी से बचाने के लिए विभिन्न स्थानों पर अलाव जलाए जा रहे हैं। अलाव जलाने के लिए प्रत्येक स्थान पर निर्धारित मात्रा में लकड़ी भी दी जाती है। इसके अलावा लोगों को रात में ठहरने के लिए रैन बसेरे की सुविधा भी दी जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक जिले की 17 निकायों के क्षेत्र में 124 स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था की गई है। नगर क्षेत्र में रोडवेज बस स्टैंड, भूड़ चौराहा, स्याना अड्डा और काला आम चौराहे पर अलाव जलता पाया गया। ज बकि औरंगाबाद, स्याना, अनूपशहर, खुर्जा क्षेत्र में अलाव जलाने के नाम पर लापरवाही सामने आई। कई स्थानों पर स्थिति यह थी कि देर रात दस बजे ही अलाव की आग खत्म हो चुकी थी। इससे साफ है कि उक्त स्थान पर लकड़ियां कम मात्रा में पहुंचाई गईं। अनूपशहर में अलीगढ़ और बुलंदशहर बस स्टैंड समेत पांचों स्थान पर अलाव जलते मिले। स्थिति यह है कि नरौरा में 30, पहासू में आठ, औरंगाबाद में सात, अनूपशहर में पांच स्थानों पर अलाव जलाए जा रहे हैं, लेकिन बुलंदशहर नगर में केवल चार स्थानों पर ही अलाव जलाकर खानापूर्ति की जा रही है। गुलावठी के बिजलीघर चौक बाजार में रात्रि नौ बजे अलाव नहीं जल रहा था। ठेले-खोंमचे लगे हुए थे, परंतु नगरपालिका द्वारा अलाव की कोई व्यवथा नहीं थी। वहीं, सैनी धर्मशाला स्थित चोपले पर भी अलाव की कोई व्यवस्था नहीं थी। जिससे लोग ठंड से कंपकपा रहे थे। जबकि पिछले वर्ष नगर पालिका द्वारा इन स्थानों पर अलाव की व्यवस्था रहती थी।
नगर पंचायत औरंगाबाद के क्षेत्र में सात स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था की गई है। स्थिति यह है कि शुक्रवार रात को रैन बसेरे, इंडियन बैंक, पीएनबी बैंक और गोशाला में अलाव नहीं जलाया जा रहा था। जबकि पुलिस पिकेट की तैनाती के स्थान पर ही अलाव जलाए जा रहे थे।
एडीएम प्रशासन डॉ. प्रशांत कुमार ने कहा कि नगर निकायों के क्षेत्र में अलाव जलाने के लिए स्थान चिन्हित किए गए हैं। चिन्हित स्थानों पर अलाव जलाए जा रहे हैं। जहां भी अलाव नहीं जलाए जा रहे हैं, वहां अधिकारियों से इसका कारण पूछा जाएगा। नियमों की अवहेलना पर कार्रवाई की जाएगी।