टोल वसूली है जारी...फिर भी सड़कों में गड्ढों की दुश्वारी
सिकंदराबाद। नेशनल हाईवे-91 पर भारी भरकम टोल देने के बावजूद भी वाहन चालक सुहाने सफर का लुत्फ नहीं उठा पा रहे हैं। नेशनल हाईवे पर कई स्थानों पर टूटी सड़क, और बड़े-बड़े गड्ढे उनके सुहाने सफर में रोड़ा बन रहे हैं। जिसके चलते वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जबकि, सिकंदराबाद-दादरी बॉर्डर पर बने टोल पर लगातार वसूली की जा रही है। लोगों की शिकायतों के बावजूद गड्ढों को नहीं भरा जा पा रहा है।
करीब चार वर्ष पूर्व गाजियाबाद - अलीगढ़ एक्सप्रेस हाईवे (हाईवे-91) को फोरलेन बनाए जाने के बाद सिकंदराबाद क्षेत्र के लुहारली में टोल प्लाजा की स्थापना की गई थी। टोल प्लाजा की स्थापना के साथ ही वाहन चालकों को सभी प्रकार की सुविधा देने का वादा किया गया था। जिसके लिए वाहन चालकों पर टोल भी लगाया गया था। समय के साथ टोल की दरों में तो बढ़ोतरी होती रही। लेकिन, चालकों को सुविधा दिए जाने के वादे पर एनएचएआई खरी नहीं उतरी। टोल की स्थापना को लगभग चार वर्ष पूरे होने के बावजूद आज भी वाहन चालकों को टोल पर लगने वाले आए दिन के जाम, हाईवे की टूटी सड़क, और गड्ढों के कारण होने वाली असुविधा जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। सड़क पर गड्ढों के कारण कई बार तो वाहन चालकों को हादसे का शिकार होना पड़ जाता है। क्षेत्र से होकर गुजर रहे हाईवे-91 पर ग्राम लालपुर में बुलंदशहर की ओर जाने वाली साइड की सड़क पूरी तरह से टूट चुकी है और सड़क में गहरे गड्ढे बन गए हैं। इसके अलावा कई अन्य स्थानों पर सड़क टूटने के कारण गड्ढे बन गए है। बिलसूरी में अभी तक एक साइड के फ्लाई ओवर का निर्माण नहीं हो सका है। फ्लाई ओवर के समान्तर गुजर रही सड़क पूरी तरह से टूट चुकी हैं। सड़क में गहरे-गहरे गड्ढे हो गए है। बरसात के दिनों में गड्ढों में पानी भरने के कारण हालत बद से बदतर हो जाते हैं। पानी भरने के कारण अक्सर वाहन चालक हादसे का शिकार हो जाते हैं। बृहस्पतिवार को भी सीमेंट भरी एक ट्रैक्टर ट्राली पानी भरा होने के कारण बिलसूरी फ्लाई ओवर के पास पलट गई थी। हादसे में चालक और वहां से गुजर रहे लोग चपेट में आने से बाल-बाल बच गए थे। वही सीमेंट के पानी में डूब जाने के कारण लाखों का नुकसान हो गया था। बिलसूरी निवासी प्रमोद, नदीम, जितेंद्र, चौधरी हरवीर, राजू, रमेश कुमार और लालपुर गांव निवासी मनोज, राजेंद्र, धर्मवीर,अनुज, पंकज आदि ग्रामीणों ने बताया कि हाईवे पर गड्ढे के दौरान हाईवे प्रशासन सिर्फ पैच वर्क करक अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेता है। जबकि, यह पैच वर्क 15 से 20 दिनों में फिर से उखड़कर गड्ढे में तब्दील हो जाती है।
25 हजार वाहनों का होता है आवागमन
जानकारी के अनुसार 2015 में बने इस हाईवे 91 के टोल प्लाजा से रोजाना तकरीबन 25 हजार वाहन गुजरते हैं। टोल सूत्रों की मानें तो इससे 20 से 25 लाख की वसूली होती है। इसके बाद भी टोल पर गड्ढे आदि की समस्या से वाहन चालकों को दो चार होना पड़ता है। टोल की वसूली 2034 तक जारी रहेगी।
जाम से होते हैं बेहाल
हाईवे पर टूटी सड़क और गड्ढों के कारण वाहन चालकों को जाम से भी जूझना पड़ता है। क्षतिग्रस्त सड़क के कारण वाहनों की गति धीमी हो जाती है। इसके कारण क्षतिग्रस्त क्षेत्र में अक्सर जाम लग जाता है। जाम के कारण भी वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। यहां भी हाईवे अथॉरिटी वाहन चालकों से किए सुहाने सफर के वादे और उन्हें बिना किसी परेशानी के गंतव्य तक पहुंचाने के अपने वादे पर खरा नहीं उतर पा रहा है। ग्रामीणों का कना है कि इस दौरान हाईवे के समीप बने घरों में ध्ूाल से भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।