आंधी-बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं एवं सरसों की 20 फीसदी फसल चौपट हो गई है। उजड़ी फसलों का मंजर देख काश्तकार खुद ठगा सा महसूस कर रहे है। कृषि विभाग के मुताबिक जनपद में 3.75 लाख बीघा गेहूं की फसल बर्बाद हुई है। 10 हजार बीघा सरसों की फसल भी दैवीय आपदा की जद में आई।
आंधी-बारिश और ओलावृष्टि के बाद कृषि विभाग ने जनपद के 16 ब्लाकों में सर्वे कराया था। कृषि अधिकारी संजीव कुमार सिंह के मुताबिक जनपद में 3.75 लाख बीघा गेहूं की फसल को 50 फीसदी से अधिक नुकसान हुआ है। वहीं, किसान नुकसान को कई गुना अधिक मान रहे हैं।
किसान सुरेश पाल सिंह का कहना है कि कृषि विभाग के आंकड़े सच से परे हैं। विभाग की टीम खेतों में गई ही नहीं। ऐसे में कृषि विभाग कैसे बता सकता है कि नुकसान का क्षेत्रफल 3.75 लाख बीघा है। केंद्र सरकार ने गेहूं और सरसों की फसल की बर्बादी का ब्यौरा मांगा है।
कृषि विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक जनपद में 6339 किसानों की 9123 हेक्टेयर गेहूं की फसल का बीमा है। क्षति का सच जानने के लिए प्रशासन क्रॉस सर्वे करवाएगा।