पिछले 15 दिनों में 10 प्रतिशत बढ़ी फास्टैग वाहनों की संख्या
सिकंदराबाद। पिछले 15 दिनों में फास्टैग लगे वाहनों की संख्या 10 प्रतिशत बढ़ गई है। हालांकि अब पूर्ण रूप से फास्टैग व्यवस्था लागू करने की तिथि बढ़कर 15 फरवरी कर दी गई है।
टोल प्लाजा पर लगने वाले जाम से निजात, और टोल वसूली को बढ़ाने के लिए करीब एक वर्ष पूर्व एनएचएआई ने फास्टैग व्यवस्था को लागू किया था। लेकिन फास्टैग व्यवस्था के लागू होने के एक वर्ष बाद भी टोल प्लाजा पर लगने वाले जाम से निजात नहीं मिल सकी। वहीं अपेक्षाकृत टोल वसूली भी नहीं हुई। अभी भी वाहन चालक फास्टैग का प्रयोग करने से परहेज करते दिखाई दे रहे हैं। इनमें अधिकांश वाहन चालक लोकल हैं। हालांकि टोल प्लाजा पर फास्टैग प्रयोग को लेकर वाहन चालकों को जागरूक करने के लिए एनएचएआई ने एड़ी चोटी का जोर लगा दिया था। एनएचएआई की लाख कोशिशों के बाद भी केवल 50 प्रतिशत वाहन चालकों ने ही अपने वाहनों पर फास्टैग लगाया। टोल प्लाजा पर पूर्ण रूप से फास्टैग व्यवस्था को लागू करने के लिए एनएचएआई ने 31 दिसंबर की रात 12 बजे के बाद टोल प्लाजा की सभी लाइनों में पूर्ण रूप से फास्टैग व्यवस्था पूर्ण रूप से लागू करने का फरमान जारी किया था। बिना फास्टैग लगे वाहनों को का टोल से गुजरना प्रतिबंधित कर दिया था। एक जनवरी से पूर्ण रूप से टोल पर फास्टैग व्यवस्था के लागू होने के आदेश के बाद वाहन चालकों ने अपने वाहनों पर फास्टैग लगवाना शुरू कर दिया था।
टोल मैनेजर बजरंग सैनी ने बताया कि पिछले 15 दिनों में फास्टैग लगे वाहनों में 10 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। बताया कि पूर्व में टोल से गुजरने वाले करीब 50 प्रतिशत वाहनों पर फास्टैग लगा होता था। लेकिन अब 60 प्रतिशत वाहनों पर फास्टैग लग गए हैं।