15 दिन में मात्र 1.50 लाख लाभार्थी ढूढ़ पाया स्वास्थ्य विभाग
बुलंदशहर। जिले में आयुष्मान योजना से जुड़े पात्रों के कार्ड बनवाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत 15 दिन में विभाग द्वारा ढाई वर्ष के सापेक्ष पात्र के कार्ड जारी करने का दावा किया जा रहा है। वहीं, अभी भी 70 फीसदी लोग गोल्डन कार्ड से वंचित चल रहे हैं। अफसरों का कहना है कि पात्र होने के बावजूद लोग आयुष्मान कार्ड बनवाने में रुचि नहीं ले रहे हैं।
केंद्र सरकार द्वारा आयुष्मान योजना के तहत गोल्डन कार्ड धारक को एक वर्ष में पांच लाख रुपये तक के निशुल्क इलाज का प्रावधान है। यह राशि परिवार के एक ही सदस्य या सभी पर खर्च की जा सकती है। स्वास्थ्य अफसरों के अनुसार जिले में दो लाख 499 पात्र परिवार हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार एक परिवार में औसतन पांच सदस्य मानें तो जनपद में 10,02,495 लोगों को गोल्डन कार्ड दिए जाने हैं। लेकिन जिले में 14 दिसंबर तक एक लाख 49 हजार 915 लोगों के ही कार्ड जारी किए गए। इसके बाद 15 दिसंबर से शासन द्वारा पात्र लाभार्थी के गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। ढाई वर्ष तक जिले में आयुष्मान कार्ड बनाने की गति काफी धीमी रही। लेकिन विशेष अभियान के तहत विभाग ने ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर लोगों को योजना की जानकारी दी। जिसके चलते गोल्डन कार्ड ने गति पकड़ी लेकिन अभी भी करीब 70 फीसदी पात्र कार्ड से वंचित चल रहे हैं। आयुष्मान योजना की आईटी टीम के मैनेजर सचिन कुमार ने बताया कि कार्ड प्रतिदिन बनाए जा रहे हैं, लेकिन सबसे अधिक समस्या आधार कार्ड में अंकित गलत नाम से हो रही है। इस वजह से भी कार्ड बनवाने में परेशानी हो रही है।
अब तक 12,888 पात्र करा चुके हैं योजना के तहत उपचार
जिले में आयुष्मान योजना से छह निजी चिकित्सालय और जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल, संयुक्त चिकित्सालय सिकंदराबाद और जटिया चिकित्सालय खुर्जा समेत 13 सीएचसी जुड़े हुए हैं। जहां पर अब तक 12 हजार 888 लोग योजना के तहत अपना उपचार करवा चुके हैं।
अब तक 30 फीसदी के जारी हुए गोल्डन कार्ड
स्वास्थ्य अफसरों के अनुसार जिले में 14 दिसंबर तक एक लाख 49 हजार 915 पात्र लोगों के गोल्डन कार्ड जारी किए गए। वहीं, 15 दिसंबर से शुरू हुए अभियान के तहत 30 दिसंबर तक एक लाख 50 हजार 90 लोगों के गोल्डन कार्ड बनाए गए। अब तक तीन लाख पांच पात्र लोगों के गोल्डन कार्ड जारी हो चुके हैं।
जिले में प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना के कार्ड बनाने की प्रतिदिन समीक्षा की जा रही है। योजना से जुड़े अफसरों के साथ बैठकर प्रगति रिपोर्ट भी तलब की जा रही है। बीते 15 दिन में कार्ड बनाने में गति आई है। कोशिश है कि प्रत्येक पात्र परिवार के एक सदस्य का कार्ड बन जाएं। योजना के जो भी पात्र है वो सरकारी चिकित्सालय या नजदीकि कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर भी कार्ड बनवा सकते हैं। पात्रों के गोल्डन कार्ड बनाने के लिए अभियान दो जनवरी तक चलेगा।
- डॉ. सुष्पेंद्र कुमार, एसीएमओ/नोडल अधिकारी