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देश के लिए ओलंपिक में मेडल जीतना है सतीश का सपना

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सतीश का स्वागत करती पत्नी। अमर उजाला - फोटो : SIKANDRABAD
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देश के लिए ओलंपिक में मेडल जीतना है सतीश का सपना
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सिकंदराबाद। बॉक्सिंग में सुपर हैवीवेट कैटेगरी में टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करने के बाद शुक्रवार को अपने गांव पचौता लौटने पर लोगों ने बॉक्सर सतीश कुमार का जोरदार स्वागत किया। सतीश ने अपने सफलता का श्रेय परिवार कोच को देते हुए, सभी का आभार व्यक्त किया। गांव में दिन भर जश्र का माहौल रहा, बधाई देने के लिए घर पर लोगों को तांता लगा रहा।
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सतीश कुमार ने बताया कि वह सुपर हैवीवेट कैटेगरी में पांचवी बार लगातार नेशनल चैंपियन है। एशियन बॉक्सिंग क्वालिफाईंग गेम में उसे चौथी वरीयता प्राप्त थी। एशियन बॉक्सिंग क्वालिफायर के सुपर हैवीवेट कैटेगरी में उसने ने मंगोलिया के ओटगोनबायर दैईवी को एक तरफा मुकाबले में शिकस्त दी और सुपर हेवीवेट कैटेगरी में ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करने वाले भारत के पहले मुक्केबाज बनकर इतिहास रच दिया। बताया कि तीनों ही राउंड में मंगोलियाई मुक्केबाज को बेबस कर दिया। एक पक्षीय फैसले में उन्हें विजेता घोषित किया गया। सतीश ने बताया कि वह जुलाई में जापान के टोक्यो में आयोजित होने वाले ओलंपिक गेम में बॉक्सिंग सुपर हैवीवेट कैटेगरी में देश का प्रनिधित्व करेंगे। कहा कि उसका सपना देश के लिए ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम रोशन करने का है। बताया कि आस्ट्रेलिया में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम में सुपर हैवीवेट कैटेगरी में सिल्वर मेडल जीता था। एशियन गेम 2014 में उसने गोल्ड मेडल जीता था। एशियन चैंपियनशिप 2015-2017 में भी उसने मेडल जीता। सतीश ने कहा कि ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करने को लेकर वह अपने आपको को गौरांवित महसूस कर रहा है। इस वक्त बेहद खुश हूं और खुशी को मै शब्दों में बया नहीं कर सकता। सतीश कुमार की पत्नी सविता देवी गृहणी है। परि यादव, मीत यादव दो बच्चें है। पिता किरनपाल सिंह यादव किसान हैं, मां गुड्डी देवी भी गृहणी है। बड़ा भाई जयप्रकाश यादव आर्मी में है। छोटा भाई जितेंद्र यादव, हरीश यादव अभी पढ़ाई कर रहे हैं।
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