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मुरादनगर नहर में डूबे हिमांशु का सनौटा गंगनहर में मिला शव

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मुरादनगर नहर में डूबे हिमांशु का सनौटा गंगनहर में मिला शव
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सिकंदराबाद। एक फरवरी की रात में थाना मुरादनगर क्षेत्र के डिंडोली पुल के पास गाड़ी के अनियंत्रित होकर नहर में गिर जाने के कारण नहर में डूबे युवक का शव बृहस्पतिवार को सिकंदराबाद क्षेत्र में सनौटा नहर मेें मिल गया। पुलिस ने नहर से दो शवों को निकाला। युवक के परिजनों ने उनकी शिनाख्त कर ली है। जबकि लापता युवती के परिजन अभी तक नहीं पहुंचे हैं। पुलिस ने उन्हें सूचना दे दी है।
राधिकापुरम चरण सिंह कालोनी गली नंबर एक मुजफ्फरनगर निवासी सुखबीर सिंह ने बताया कि एक फरवरी की रात में उसका बेटा हिमांशु अपने दोस्त निशांत, अनमोल, हर्षित, कनिका, सृष्टि के साथ एक्यूवी-500 कार से देहरादून से दिल्ली जा रहा था। जनपद गाजियाबाद के थाना मुरादनगर क्षेत्र में डिंडोली पुल के पास कार अनियंत्रित होने के कारण नहर में गिर गई थी। अनमोल, हर्षित तैरकर बाहर निकल आए थे। बाकी चारों पानी के तेज बहाव के बहने के कारण नहर में डूब गए थे। आठ दिन बाद निशांत, सृष्टि के शव नहर से मिल गए थे। लेकिन हिमांशु और कनिका के शव नहीं मिले थे। तभी से वह नहर में दोनों की तलाश कर रहे थे। बृहस्पतिवार को वह उनके शवों को तलाश करते हुए नहर की पटरी के सहारे आ रहे थे। बताया कि सिकंदराबाद क्षेत्र में सनौटा में नहर के पुल के पास कूड़े में अटके हुए दो शव पानी पर ऊपर तैरते हुए दिखाई दिए। उन्होंने पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने गोताखोरों की मदद से दोनों शवों को बाहर निकलवाया। बताया कि काफी दिनों तक पानी में रहने के कारण शव पूरी तरह से गल चुके है। बताया कि उन्होंने जूतों और टी शर्ट के आधार पर एक शव की पहचान अपने पुत्र हिमांशु के रूप में की।
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बृहस्पतिवार देर शाम सनौटा नहर में दो शव मिले थे। एक शव की शिनाख्त उसके परिजनों ने हिमांशु के रूप में की है। वही लापता कनिका के परिजनों को शव मिलने की सूचना देते हुए शिनाख्त करने के लिए बुलाया गया है।
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- कोतवाल दिलीप सिंह
40 किलोमीट तक नहर की पटरी के सहारे ढूंढा बेटा
सिंकदराबाद। गाजियाबाद के मुरादनगर गंगनहर में डूबे हिमांशु का शव 20 दिन बाद बुलंदशहर के सनौट गंगनहर में मिलनेे पर पिता सुखवीर का हाल बेहाल है। पिछले 20 दिन से भूखे-प्यासे रहकर सुखवीर बेटे की लगातार तलाश कर रहे थे। उनकी तलाश बेटे के शव मिलने के साथ समाप्त हो गई लेकिन जिंदगी भर का दर्द दे गई। नहर की पटरी के सहारे गाजियाबाद के सिंकदराबाद शाम को पहुंचे थे। नहर में कूड़े के बीच फंसे शव देख, उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी।
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