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फास्टैग : दूसरे दिन भी टोल पर दिखी वाहनों की लंबी कतार

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फास्टैग : दूसरे दिन भी टोल पर दिखी वाहनों की लंबी कतार
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सिकंदराबाद। फास्टैग व्यवस्था के लागू होने के दूसरे दिन भी लुहारली स्थित टोल प्लाजा पर वाहनों की लंबी कतार दिखाई दी। इससे टोल प्लाजा पर जाम लग गया। वाहन चालकों के आक्रोश को देखते हुए टोल कर्मियों को कैश के लिए वाहनों की संख्या बढ़ानी पड़ी। वहीं पूर्व की भांति स्थानीय लोगों के वाहनों को टोल मुक्त किए जाने की मांग को लेकर लोग टोल कर्मियों से मिले।
राष्ट्रीय राजमार्गों पर शनिवार रात 12 बजे से फास्टैग व्यवस्था लागू हो गई थी। हाईवे-91 पर ग्राम लुहारली स्थित टोल प्लाजा पर पहले ही दिन फास्टैग व्यवस्था धड़ाम हो गई थी। टोल प्लाजा पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गई थीं। जाम में फंसे वाहन चालकों के आक्रोश को देखते हुए टोल कर्मियों को सभी लाइनों को कैश के लिए खोलना पड़ा था। दूसरे दिन भी हालात में ज्यादा अंतर नहीं दिखा। टोल प्लाजा की दस लाइनों में छह लाइनों को कैश में टोल जमा करने वाले वाहन चालकों के लिए खोलने के बाद भी टोल पर वाहनों की कतार में कोई कमी नहीं आई। वाहनों की कतार के बढ़ने से टोल पर जाम के हालात हो गए। दोनों ओर वाहनों की करीब एक किमी तक लंबी लाइन लग गई। जाम में फंसने के कारण वाहन चालकों के सब्र का बांध टूटने लगा। आक्रोशित वाहन चालक कैश के लिए लाइन बढ़ाने की मांग करने लगे। टोल पर जाम को देखते हुए टोल कर्मियों को फिर सभी लाइनों को कैश के लिए खोलना पड़ा। उसके बाद ही जाम से कुछ राहत मिली। बीच-बीच में वाहनों की संख्या कम होने पर दो लाइनों को फास्टैग के लिए खोल दिया जाता था, लेकिन वाहनों की संख्या बढ़ने और जाम लगने पर सभी दस लाइनों को कैश के लिए खोल दिया जाता था। सोमवार को टोल प्लाजा पर दिनभर यही व्यवस्था चलती रही। टोल मैनेजर बजरंग सैनी ने बताया कि सोमवार को टोल प्लाजा की दस लाइनों में चार लाइनों के फास्टैग के लिए बाकी छह लाइनों को कैश के लिए खोला गया था, लेकिन वाहनों की संख्या बढ़ने के साथ टोल पर जाम लगने पर सभी दस लाइनों को कैश के लिए खोल दिया गया। बीच-बीच में वाहनों की संख्या कम होने पर चार लाइनों को फास्टैग के लिए खोल दिया जाता था। फास्टैग के लिए वाहन चालकों को जागरूक किया जा रहा है। अभी व्यवस्था को पूर्ण रूप से लागू होने में समय लगेगा।
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स्थानीय लोगों ने टोल टैक्स में छूट देने की मांग की
टोल प्लाजा के आसपास के गांव के लोगों ने पूर्व की भांति टोल टैक्स में छूट दिए जाने की मांग की। वह इस संबंध में टोल प्लाजा के अधिकारियों से भी मिले। पिंकू गुर्जर के नेतृत्व में टोल प्लाजा पर पहुंचे स्थानीय लोगों ने बताया कि पूर्व में आसपास के सभी गांव के लोगों के वाहनों से टोल टैक्स नहीं वसूला जाता था। नई व्यवस्था में अब स्थानीय लोगों से भी टोल टैक्स वसूला जाएगा। बताया कि स्थानीय होने के कारण उन्हें बार-बार अपने वाहनों से आसपास किसी कार्य के लिए जाना होता है। ऐसे में उन्हें दिन में कई बार टैक्स देना होगा। जोकि संभव नहीं है। बताया कि नई व्यवस्था से स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेेगा। स्थानीय लोगों ने टोल प्लाजा के कर्मचारियों ने उन्हें टोल टैक्स नहीं वसूले जाने की मांग की। टोल मैनेजर बजरंग सैनी ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में स्थानीय लोगों की अपने अधिकारियों से मीटिंग कराने का आश्वासन दिया है।
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