‘विपदा में धैर्य को बनाए हथियार, सूझबूझ से लें काम’
सिकंदराबाद। अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत बुधवार को नगर के संत विवेकानंद इंटरनेशनल स्कूल में अपनी सुरक्षा अपने हाथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कराटे कोच संजय सिंह ने छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाए। छात्राओं ने भी अपनी सुरक्षा स्वयं करने की शपथ ली।
कराटे कोच संजय सिंह ने कहा कि धैर्य आत्मरक्षा का सबसे बड़ा हथियार है। उन्होंने छात्राओं को बताया कि आपात स्थिति में धैर्य नहीं खोना चाहिए। समझ बूझ से काम लेते हुए आसानी के साथ अपनी सुरक्षा की जा सकती है। उन्होंने छात्राओं को अपर किक, लोवर किक पंच के बारे में बताया। साथ ही किसी मनचले द्वारा पकड़े जाने पर उसकी पकड़ से छूटने के भी टिप्स दिए। कहा कि छात्राएं जूडो कराटे का प्रयोग कर ना अपनी रक्षा स्वयं कर सकती हैं बल्कि मनचलों को भी करारा जवाब दे सकी हैं। कराटे कोच ने छात्राओं को मनुष्य की कमजोर इंद्रियों के बारे में भी विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि माथे के बाई और दाई ओर का हिस्सा, नाक, दो पसलियों के बीच का हिस्सा, गला और ठोठी के नीचे का हिस्सा मनुष्य की सबसे कमजोर इंद्रियों में आता है। विपदा में फंसने पर मनुष्य की कमजोर इंद्रियों पर पंच से वार कर आसानी से आत्मरक्षा की जा सकती है। कार्यक्रम में मौजूद सभी छात्राओं ने अपनी सुरक्षा स्वयं किए जाने की भी शपथ ली। स्कूल के प्रबंधक ने छात्राओं को कहा कि छात्राओं को छिपाने की प्रवृति को छोड़कर बताने की प्रवृति को अपनाना होगा। तभी वह अपनी रक्षा स्वयं कर सकेगी।
बोली छात्राएं
अब बेटी को कमजोर सझने वालों को बेटी के बारे में अपनी राय बदलनी होगी। बेटी अब सहेगी नहीं जवाब देगी। - स्वाती पायल
अपराजिता कार्यक्रम सराहनीय है। कार्यक्रम के माध्यम से अपनी रक्षा स्वयं करने की प्रेरणा मिली है। - आलिया कमर
बेटियों ने हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा को साबित किया है। लोगाें को भी बेटियों के बारे में अपनी सोच बदलनी होगी। - अर्शी खान
संविधान ने बेटियों को भी बराबर का दर्जा दिया है। समाज को भी संविधान की भावना का सम्मान करते हुए बेटियों को बराबर का दर्जा देना चाहिए। - ज्योति राजपूत
बेटियों को समाज में सम्मान दिलाने के लिए सरकारों को भी प्रयास करने होंगे। सरकार को नौकरियों में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाना होगा। - यशी
अपने अधिकार हासिल करने के लिए बेटियों को राजनीति क्षेत्र में भी अपना प्रतिनिधित्व बढ़ाना होगा। इससे महिलाओं का उत्थान होगा। - तहरीरम
अपनी सुरक्षा के लिए महिलाओं को स्वयं आगे आने होगा। भगवान भी उन्हीं की मदद करते हैं। जो अपनी मदद स्वयं करता हैं। - श्रेया त्रिपाठी
बेटी की सुरक्षा के लिए सभी स्कूलों में लकड़ियों के लिए जूडो कराटे की ट्रेनिंग अनिवार्य की जाए। - गीता गौड़