नहीं जमा हुआ 92 लाख का बिल, फिर जिला पंचायत मॉल का कटा बिजली कनेक्शन
बुलंदशहर। जिला पंचायत के मॉल का बिजली बिल जमा न होने पर एक बार फिर से कनेक्शन काट दिया गया है। पिछले करीब दो माह में यह दूसरी बार है जब मॉल का कनेक्शन काटा गया है। मॉल में बिजली सप्लाई न होने के कारण करीब 20 परिवार के 100 लोगों को पेयजल के साथ ही रोजमर्रा के कार्यों के लिए भी पानी नहीं मिल पा रहा है।
जिला पंचायत ने करीब चार वर्ष पूर्व मॉल का निर्माण कराया था। मॉल निर्माण के समय आवासीय फ्लैट, दुकान व व्यावसायिक क्षेत्र रखा गया है। मॉल में बिजली सप्लाई के लिए 1800 किलोवाट का कनेक्शन जिपं ने लिया था। इसके लिए बिजली निगम के ठेकेदार ने भूड़ चौराहा स्थित ट्रांसमिशन केंद्र से अंडरग्राउंड लाइन बिछाई थी। कनेक्शन लेने के बाद से बिजली का बिल जमा नहीं किया गया। जिसके चलते अब जिला पंचायत पर करीब 92 लाख रुपये का बिल बकाया हो गया है। बकाया बिल की धनराशि अधिक होने पर बिजली निगम की टीम ने मॉल का कनेक्शन काट दिया। इससे पहले नवंबर माह की शुरुआत में भी बिजली का कनेक्शन काटा गया था, लेकिन अधिकारियों ने वार्ता करते हुए बिल जमा कराने की बात कहने पर बिजली का कनेक्शन जोड़ दिया था। तय समय में बिल का भुगतान न होने की स्थिति में अब फिर से बिजली निगम की टीम ने मॉल का कनेक्शन काट दिया है। जिससे लोगों को पीने और दैनिक कार्यों के लिए पानी भी नहीं मिला। जिला पंचायत मॉल के 1800 किलोवाट के कनेक्शन का फिक्सड चार्ज सात लाख रुपये प्रतिमाह है। जबकि आवासों में रहने वाले लोगों को पजेशन न मिलने के कारण उनसे वसूली नहीं हो पा रही है। ऐसे में जिला पंचायत मॉल बनाने के बाद से प्रतिमाह सात लाख रुपये का बिजली बिल फिजूल में दे रही है।
जिपं अध्यक्ष डॉ. अंतुल तेवतिया का कहना है कि पूर्व में भी मॉल का कनेक्शन काटा गया था, तब अधिकारियों को सिक्योरिटी की राशि से बिल का भुगतान करने के लिए कहा था, लेकिन अधिकारियों ने ऐसा नहीं किया है। बार-बार कनेक्शन काटकर लोगों को परेशान किया जा रहा है, यह पूरी तरह से गलत है। मॉल में रहने वाले लोगों को व्यक्तिगत कनेक्शन जारी करने के लिए भी कहा था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ है। इसके लिए उच्चाधिकारियों से वार्ता की जाएगी।