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कागजों में रोपे थे पचास हजार पौधे, अब रह गई सिर्फ झाड़ियां

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कागजों में रोपे थे पचास हजार पौधे, अब रह गई सिर्फ झाड़ियां
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बुलंदशहर। जनपद में हर साल पर्यावरण बचाने के लिए पौधरोपण महोत्सव के तहत लाखों की संख्या में पौधे रोपित किए जाते हैं। रोपित होने वाले पौधों की हकीकत जानने के लिए अमर उजाला ने पड़ताल शुरू की है। सोमवार को बीएसए कार्यालय में गत वर्ष रोपित किए गए पौधों की जब सच्चाई जानी गई तो हैरान करने वाली बात सामने आई। जो पौधे रोपित किए गए थे वह पेड़ बनने से पहले ही गायब हो चुके हैं, अब वहां सिर्फ गड्ढे हैं। 2020 में विभाग को पचास हजार पौधे रोपने का लक्ष्य मिला था। इस वर्ष विभाग को 37000 पौधरोपण का लक्ष्य मिला है।
शासन की ओर से जिले को वर्ष 2017 में सात लाख, वर्ष 2018 में 12 लाख, वर्ष 2019 में 15 लाख और 2020 में 33 लाख से अधिक पौधरोपण का लक्ष्य दिया था। जबकि इस वर्ष पौधरोपण का 39 लाख से अधिक लक्ष्य मिला है। इसमें से प्रत्येक वर्ष बेसिक शिक्षा विभाग को भी लक्ष्य निर्धारित किया जाता है। अमर उजाला ने अपने अभियान के तहत सोमवार को वर्ष 2020-21 में विभाग को दिए गए लक्ष्य और बीएसए कार्यालय में रोपित किए गए पौधाें की हकीकत को जानने के लिए पड़ताल की गई। इससे पहले जब अधिकारियों से यह पता किया कि गत वर्ष कार्यालय में कितने पौधे रोपित किए गए तो वह इस बारे में जानकारी नहीं दे सके। जब कार्यालय में रोपित किए गए पौधों की हकीकत जानी तो वह भी चौंकाने वाली रही। गत वर्ष रोपित हुए पौधों में से कोई ऐसा पौधा नहीं मिला, जो पेड़ बन सका हो। जिस स्थान पर पौधे रोपित किए गए थे। वहां पर कूड़ा-कचरा और घास के अलावा पेड़ों की टूटी टहनी आदि पड़ी हैं। पौधों को बचाने और उनको पेड़ बनाने के लिए ट्री-गार्ड भी कभी नहीं लगाए गए। इसी स्थान पर दो-चार दिन पहले भी कुछ पौधे लगाए गए हैं, लेकिन वह भी दम तोड़ते नजर आ रहे हैं। पौधे लगाने के बाद विभागीय अधिकारी तो दूर की बात कर्मचारी तक सजग नहीं हैं। कभी किसी ने इन पौधों को बचाने की जहमत भी नहीं उठाई है।
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विभाग के अधिकतर स्कूलों में भी पौधे तोड़ चुके हैं दम
वन विभाग की ओर से प्रत्येक साल पौधरोपण के लक्ष्य से परिषदीय स्कूलों में भी पौधे रोपित किए जाते हैं। हालांकि इस समय स्कूल कोरोना काल के चलते बंद हैं, लेकिन पता चला है कि अधिकतर स्कूलों में भी पौधे देखरेख के अभाव में दम तोड़ चुके हैं। इसका खुलासा समय-समय पर होता रहा है। कार्यालय और परिषदीय स्कूलों में रोपित होने वाले पौधों की वन विभाग की ओर से कभी जियो टैगिंग की व्यवस्था भी नहीं की गई।
अखंड प्रताप सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी : कार्यालय परिसर में गत वर्ष कितने पौधे लगे थे। स्कूलों में रोपित हुए पौधों की स्थिति का भी पता किया जाएगा। इसकी जानकारी कर बताई जाएगी। पौधों को बचाने के लिए समय-समय पर कर्मचारियों को निर्देश जारी किए जाते हैं। पौधों को बचाने के लिए गार्ड आदि का कोई अलग से बजट नहीं होता है।
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गौतम सिंह, डीएफओ : शासन से विभागों को पौधे लगाने का लक्ष्य दिया जाता है। विभाग अपने परिसर व खाली स्थानों में पौधे लगाकर उनकी देखभाल करते हैं। पौधे सूखते हैं तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होती है।
गत पांच वर्ष में मिले लक्ष्य की स्थिति
वर्ष पौधरोपण का लक्ष्य
2017 12000 पौधे
2018 15000 पौधे
2019 22000 पौधे
2020 50000 पौधे
2021 37000 पौधे
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