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सीबीएसई दसवीं की बोर्ड परीक्षा रद्द होने से खुश नहीं छात्र-अभिभावक

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सीबीएसई दसवीं की बोर्ड परीक्षा रद्द होने से खुश नहीं छात्र-अभिभावक
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बुलंदशहर। कोरोना संक्रमण के चलते सीबीएसई की दसवीं की परीक्षा रद्द होने से छात्र और अभिभावक नाखुश हैं। छात्रों का कहना है कि हमें परिश्रम और तैयारी के बाद भी परीक्षा का मौका नहीं मिलेगा। जबकि अभिभावकों का कहना है कि हमारे बच्चों के रिजल्ट पर प्रोन्नति का टैग लग जाएगा। उनकी मांग है कि देर से ही भले, लेकिन यह परीक्षा होनी चाहिए।
अयान सिंघल = एक तो पहली बार बोर्ड परीक्षा देने का मौका था। दूसरी ओर परीक्षा के लिए काफी परिश्रम और तैयारी की। बावजूद उसके परीक्षा का मौका नहीं मिलेगा। इस फैसले से कुछ छात्र खुश हो सकते हैं, लेकिन मैं इसका विरोध करता हूं। परीक्षा होनी चाहिए, चाहे देरी से ही क्यों न हो।
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प्रिंस = बोर्ड परीक्षा रद्द करने का फैसला किसी भी तरह से सही नहीं है। परीक्षा न देने से भी छुटकारा मिल रहा है, लेकिन यह भी भरोसा नहीं है कि बोर्ड की ओर से किए गए परिश्रम के अनुसार नंबर मिलेंगे या नहीं। परिश्रम का जो फल मिलता है वह एक अलग होता है। मेरी मांग है कि यह परीक्षा होनी चाहिए।
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बोर्ड परीक्षा टालने पर अभिभावक संघ ने जताया रोष
अभिभावक संघ ने सीबीएसई में 10वीं की बोर्ड परीक्षाएं रद्द करने एवं कक्षा 12 की परीक्षाओं को टालने पर अभिभावक संघ ने रोष जताया है। संघ का आरोप है कि सरकार छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। अभिभावक संघ के अध्यक्ष अजय सिंघल ने बताया कि कोरोना के कारण गत सत्र में शिक्षण मात्र 100 दिन से भी कम हो पाया है। वहीं सरकार पंचायत चुनाव कराने के लिए गंभीर होते हुए छात्रों की बोर्ड परीक्षा को लगातार टाल रही है। सरकार बच्चों की शिक्षा को लेकर कतई भी गंभीर नही है। सरकार बच्चों को शिक्षा से वंचित कर रही है।
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