फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बैंकों में अटका पांच हजार श्रमिकों का मेहनताना

विज्ञापन
विज्ञापन
बैंकों में अटका पांच हजार श्रमिकों का मेहनताना
विज्ञापन

बुलंदशहर। श्रम विभाग में पंजीकृत पांच हजार से अधिक श्रमिकों के बैंकों में 165 करोड़ रुपये अटक गए हैं। यह राशि चिकित्सा सुविधा, पुत्र विवाह और शिशु-मातृत्व लाभ योजना से संबंधित है। इस राशि को विभाग की ओर से गत पांच फरवरी को पात्र श्रमिकों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया गया था। बताया गया कि श्रमिकों ने जो बैंक अकाउंट दिए थे वह दूसरे बैंकों में मर्ज हो गए हैं। अब इन बैंकों में आईएफएससी कोड अड़ंगा बना हुआ है।
श्रम विभाग में पंजीकृत पात्र श्रमिकों के लिए शासन की ओर से अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं। इन योजना के तहत समय-समय पर श्रमिकों को लाभान्वित किया जाता है। योजनाओं के तहत श्रमिकों को मिलने वाले लाभ से संबंधित राशि उनके बैंक अकाउंट में ट्रांसफर की जाती है। इसके बाद पात्र श्रमिक अपनी राशि बैंक जाकर निकाल सकता है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि गत पांच फरवरी को चार हजार श्रमिकों के बैंक खातों में चिकित्सा सुविधा योजना के तहत तीन-तीन हजार के हिसाब से 1.50 करोड़ की राशि ट्रांसफर की गई थी। इसी तरह पुत्री विवाह योजना के तहत 20 लाभार्थी श्रमिकों के खाते में 55-55 हजार की राशि के हिसाब से 11 लाख और शिशु-मातृत्व योजना के तहत 29 लाभार्थियों को 15-15 हजार के तहत 4.35 लाख की राशि ट्रांसफर की गई। अब संबंधित श्रमिक कार्यालय में आकर बता रहे हैं कि उन्हें यह राशि बैंक से नहीं मिल रही है। जब बैंकों से इस समस्या के बार जानकारी ली गई तो बताया गया कि इन सभी श्रमिकों के एकाउंट दूसरे बैंकों में मर्ज हुए हैं। इसके चलते इनके आईएफएससी कोड भी बदल गए हैं। बिना आईएफएससी कोड जारी किए भुगतान नहीं हो सकता है। यह सभी श्रमिक अपने-अपने बैंक में जाकर आईएफएससी कोड लेकर अपना भुगतान करवा सकते हैं। सभी श्रमिकों की राशि बैंक में सुरक्षित है और उन्हें यह राशि जरूर मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

सहायक श्रमायुक्त मुकेश कुमार दीक्षित = पांच हजार श्रमिकों के लिए विभिन्न योजनाओं के तहत जारी की गई राशि बैंकों में अटक गई है। बैंकों से संपर्क कर श्रमिकों को राशि दिलवाने के लिए बैंक अधिकारियों से संपर्क किया जा रहा है। बताया गया कि श्रमिक आईएफएसी कोड प्राप्त कर इस समस्या का समाधान करवा सकते हैं। -
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें