प्रधान पद के आरक्षण पर सर्वाधिक 451 आपत्ति हुईं दर्ज
बुलंदशहर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के आरक्षण के बाद मांगी गई आपत्तियां प्राप्त करने का समय सोमवार को पूरा हो गया। प्रधान पद के आरक्षण पर सर्वाधिक 451 आपत्तियां प्राप्त हुई हैं। जबकि जिला पंचायत के सदस्य के आरक्षण पर 37 और बीडीसी के आरक्षण पर सबसे कम 26 आपत्तियां मिली हैं।
सोमवार को आपत्ति प्राप्त करने का अंतिम दिन रहा। विभागीय अफसरों के अनुसार अंतिम दिन प्रधान पद पर 145, जिला पंचायत पर 15 और बीडीसी पर 22 आपत्तियां प्राप्त हुईं। इस तरह से प्रधान पद के आरक्षण पर सर्वाधिक 451 आपत्तियां प्राप्त हुई हैं। जबकि जिला पंचायत के आरक्षण पर 37 और बीडीसी के आरक्षण पर 26 आपत्तियां प्राप्त हो चुकी हैं। अब किसी भी तरह की आपत्ति प्राप्त नहीं की जा सकेगी। जिला पंचायत राज अधिकारी नंदलाल के अनुसार अब तक जो भी आपत्ति प्राप्त हुई है। बताया गया कि अधिकतर आपत्तियाें में प्रधान पर हुए आरक्षण को गलत ठहराते हुए बदलाव की मांग की गई है। कुछ ऐसी भी आपत्ति है, जिन ग्राम पंचायत को ओबीसी में शामिल किया गया है, लेकिन अब इनमें अन्य जाति या फिर अनारक्षित करने की मांग की मांग गई है। उनका 11 और 12 मार्च को निस्तारण किया जाएगा। सभी आपत्तियों का निस्तारण डीएम की अध्यक्षता में बनी कमेटी की देखरेख में होगा। उसकी आपत्ति का निस्तारण होगा, जो जरूरी होगी। इसके बाद 15 मार्च को आरक्षण की फाइनल सूची प्रकाशित कर इसकी जानकारी शासन को भेज दी जाएगी।
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आरक्षण बदलने के लिए लोग बेताब
सबसे अधिक आपत्ति प्रधान पद के आरक्षण पर प्राप्त होना इस बात की ओर इशारा कर रहा है कि जारी किया गया आरक्षण रास नहीं आया है। बताया गया कि यह लोग हैं, जो गत काफी समय से प्रधान पद के लिए ताल ठोक रहे थे और चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी के साथ प्रधानी को कायम रखने का ख्वाब संजोए बैठे थे। वहीं, दूसरी ओर आरक्षण बदलने के लिए लोग बेताब हैं। इसके लिए जिला प्रशासन से लेकर लखनऊ तक की दौड़ जारी है। वहीं, विभागीय अधिकारियों के पास भी सिफारिश लेकर लोग पहुंच रहे हैं। अफसरों का दावा है कि आरक्षण शासन की ओर से जारी गाइडलाइन के अनुसार तैयार किया गया है। इसमें किसी की भी सिफारिश नहीं चलेगी।