सिकंदराबाद के सात गांव यमुना औद्योगिक नगरी में शामिल
बुलंदशहर। सिकंदराबाद ब्लॉक के सात गांव जनपद गौतमबुद्ध नगर में यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे बस रही यमुना औद्योगिक नगरी में शामिल हो गए हैं। अब इन गांवों के औद्योगिक नगरी में शामिल होने के बाद नए सिरे से परिसीमन होगा। इन गांवों के नोएडा में जाने के बाद नजदीकी गांवों को भी विकास के पंख लगेंगे। शासन द्वारा सातों ग्राम पंचायतों के यमुना औद्योगिक नगरी में शामिल होने की अधिसूचना जारी कर दी है। दो गांवों को अलग से ग्राम पंचायतों का दर्जा दिया जाएगा।
यमुना एक्सप्रेसवे के पास शासन द्वारा यमुना औद्योगिक नगरी बसाई जा रही है। सिकंदराबाद ब्लॉक गौतमबुद्ध नगर की सीमा से लगा हुआ है। औद्योगिक नगरी में गौतमबुद्ध नगर के काफी गांव शामिल किए गए हैं। ऐसे में सिकंदराबाद ब्लॉक की सात गांवों को औद्योगिक नगरी में शामिल करने की अधिसूचना शासन द्वारा जारी कर दी गई है। पंचायत राज विभाग के अनुसार इनमें झाझर, अजय नगर, अमीपुर बांगर, बैलाना, जैतपुर, गढ़ाना और चौकी ख्वाजपुर गांव शामिल हैं। बताया गया कि अब अजय नगर के सूबरा माजरा और जैतपुर के रवानीपुर माजरे का आंशिक हिस्सा औद्योगिक नगरी में शामिल किया गया है। शासन से अधिसूचना जारी होने के बाद पंचायत राज विभाग के अफसर अब परिसीमन कराने में जुट गए हैं। बताया जा रहा है कि इन पांच ग्राम पंचायतों को छोड़कर पूरे ब्लॉक का परिसीमन भी हो सकता है। इसके अलावा जो माजरे हैं। उन्हें अलग से ग्राम पंचायत का दर्जा दिया जाएगा।
शासन की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार पांच ग्राम पंचायत तो ब्लॉक से पूरी तरह से खत्म हो गई हैं। अब इनके दो माजरे बचे हुए हैं। शासन के आदेश पर अब पंचायत राज विभाग सूबरा और रवानीपुर को नई ग्राम पंचायत बनाएगा। गांव सूबरा की आबादी 1047 है और रवानीपुर की 848 है। विशेष परिस्थिति और पंचायत चुनावों को देखते हुए विभाग द्वारा अब रवानीपुर को इसी आबादी पर ग्राम पंचायत बनाया जा रहा है।
जनपद में अभी तक 951 ग्राम पंचायत हैं। अब सिकंदराबाद में पांच ग्राम पंचायत कम होने के बाद जनपद में अब 946 ग्राम पंचायतें रह जाएंगी। विभागीय अफसरों ने बताया कि इन ग्राम पंचायतों को लेकर नोएडा के अफसरों से भी वार्ता चल रही है।
जिला पंचायत राज अधिकारी नंदलाल = सिकंदराबाद ब्लॉक के सात गांव और और इनके दो माजरे यमुना औद्योगिक नगरी में शामिल हो गए हैं। शासन से इसकी अधिसूचना जारी हो गई है। परिसीमन किया जा रहा है। दो माजरों को अलग से ग्राम पंचायतों का दर्जा दिया जाएगा। आरक्षण जारी होने से पहले इस कार्य को निपटा लिया जाएगा।